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समस्तीपुर, 08 जनवरी (हि.स.)। बिहार में पूर्ण शराबबंदी के सरकारी दावों के बावजूद समस्तीपुर जिले के मुसरीघरारी थाना क्षेत्र के बखरी बुजुर्ग गांव में कथित तौर पर जहरीली शराब के सेवन से एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि उसके बेटे ने अपनी दोनों आंखों की रोशनी गंवा दी।
इस हादसे के बाद मृतक के घर में कोहराम मच गया है और गांव में प्रशासन के खिलाफ गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। पीड़ित परिवार ने मुसरीघरारी थाने में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
परिजन के अनुसार, शराब पीने के कुछ ही देर बाद पिता-पुत्र की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। समुचित इलाज मिल पाता, इससे पहले ही पिता की मौत हो गई, जबकि बेटा स्थायी रूप से दृष्टिहीन हो गया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर एसडीओ दिलीप कुमार व एसडीपीओ-1 सह एएसपी संजय कुमार पांडेय ने बखरी बुजुर्ग गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और अवैध शराब के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि जहरीली शराब कहां से लाई गई और इसके पीछे कौन-सा नेटवर्क काम कर रहा है। घटना के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है।
एसडीओ, सीओ मुसरीघरारी नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी के समन्वय से प्रभावित इलाकों में जहरीली शराब के दुष्प्रभावों को लेकर जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। इधर एक ही परिवार में हुई इस दोहरी त्रासदी ने जिले में शराबबंदी की हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस और संबंधित विभाग समय रहते सख्ती बरतते, तो अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश लग सकता था और यह परिवार बर्बादी से बच जाता। सदर एसडीपीओ संजय कुमार पाण्डेय -1 ने बताया कि फिलहाल पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर आरोपियों की गिरफ्तारी में जुटी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी