दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू, उपराज्यपाल ने गिनाई सरकार की उपलब्धियां
नई दिल्ली, 05 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार को शुरू हो गया। सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्री प्रवेश वर्मा, कपिल मिश्रा, मनजिंदर सिंह सिरसा सहित पक्ष और विपक्ष के नेता सदन में पहुंचे। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्
विधानसभा सत्र के दौरान अभिभाषण देते हुए उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना।


नई दिल्ली, 05 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली विधानसभा का शीतकालीन सत्र सोमवार को शुरू हो गया। सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्री प्रवेश वर्मा, कपिल मिश्रा, मनजिंदर सिंह सिरसा सहित पक्ष और विपक्ष के नेता सदन में पहुंचे। विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना को भाषण के लिए आमंत्रित किया। उपराज्यपाल ने अपने अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया और आगामी नीतियों की रूपरेखा प्रस्तुत की। उनके भाषण के बाद सत्र को 30 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया।

उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा कि वह दिल्ली की आठवीं विधानसभा के चौथे सत्र से पहले सरकार के सामने शासन और प्रशासन में वर्षों से व्याप्त जड़ता और नकारात्मक प्रवृत्तियों को समाप्त करना सबसे बड़ी चुनौती रही है।

उपराज्यपाल ने कहा कि लगभग 10 माह में ही सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। महात्मा गांधी के सर्वोदय, पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय और बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर के समता के सिद्धांतों के अनुरूप सरकार ने दिल्ली के नागरिकों के कल्याण की दिशा में अनेक अप्रत्याशित निर्णय लिए हैं। इस वर्ष सरकार ने एक लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया है, जो शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला कल्याण, जलापूर्ति, बिजली, सड़क, औद्योगिक विकास, पर्यावरणीय स्थिरता और सामाजिक न्याय जैसे दस प्रमुख प्राथमिक क्षेत्रों पर केंद्रित है।

विनय कुमार सक्सेना ने कहा कि सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत व्यावसायिक प्रक्रियाओं को सरल बनाया है और अनावश्यक नियामक बाधाओं को कम किया है। निवेश आकर्षित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में नीतिगत सुधार किए गए हैं, जिनमें लाइसेंसिंग और श्रम कानूनों से जुड़े सुधार शामिल हैं। ई-गवर्नेंस के माध्यम से 75 डिजिटल सेवाओं को नागरिकों के लिए अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाया गया है। प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए सभी सरकारी कार्यालयों में ई-ऑफिसेस का क्रियान्वयन किया गया है, जो लंबे समय से लंबित था।

उपराज्यपाल ने कहा कि शराब की दुकानों को छोड़कर सभी निर्माण और वाणिज्यिक स्थानों को 24 घंटे सुविधाएं प्रदान की गई हैं। साथ ही 21 वर्षों से लागू पंजीकरण की अनिवार्य नवीनीकरण व्यवस्था को समाप्त कर दिया गया है, जिससे व्यापारियों को अनावश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं से राहत मिली है। मौजूदा श्रम कानूनों को समाहित कर चार व्यापक श्रम संहिताओं में एकत्रित किया गया है। इससे न केवल कानूनों की जटिलताओं को कम किया गया है, बल्कि श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, बेहतर कार्य परिस्थितियां और समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

वीके सक्सेना ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली सरकार को इन सुधारों के लिए साधुवाद दिया और कहा कि विकास का लाभ दिल्ली के प्रत्येक क्षेत्र तक पहुंचे, इसके लिए जिला परियोजना निधि योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत 1400 करोड़ की राशि के साथ मुख्यमंत्री विकास निधि को स्वीकृति दी गई है, ताकि स्थानीय आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सके।

उल्लेखनीय है कि, इस सत्र के दौरान राजधानी से जुड़े कई महत्वपूर्ण विधायी कार्यों और जनहित के मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। विपक्षी दल आम आदमी पार्टी (आआपा) ने सरकार को घेरने की तैयारी में है। विपक्ष ने बढ़ते वायु प्रदूषण, यमुना की सफाई और शहर में गंदगी जैसे मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगने का ऐलान किया है। इसके अलावा, हाल ही में राजधानी में सड़कों की खराब स्थिति, मोहल्ला क्लिनिक बंद होने और अस्पतालों में दवाइयों की कमी को लेकर उठे विवादों पर भी सदन में तीखी बहस होने की संभावना है।

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हिन्दुस्थान समाचार / माधवी त्रिपाठी