पांच सूत्रीय मांगों को लेकर उमरिया के पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी, राजस्व कार्य प्रभावित
प्रदेश सरकार से रूष्ट पटवारी, पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, जिले भर के कामकाज प्रभावित
पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी


उमरिया, 05 अगस्त (हि.स.)। प्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर उमरिया जिले के पटवारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। हड़ताल के चलते जिले में राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित होने लगे हैं, जिससे किसानों और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले के पटवारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए अपने बस्ते जमा कर दिए हैं और मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कही है।

हड़ताली पटवारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों के संबंध में शासन के समक्ष आवेदन और ज्ञापन प्रस्तुत करते रहे हैं, लेकिन अब तक संतोषजनक समाधान नहीं निकला। उनका कहना है कि प्रदेश संगठन के आह्वान पर सभी पटवारी अनिश्चितकालीन हड़ताल में शामिल हुए हैं और आगे की रणनीति भी संगठन के निर्देशानुसार तय की जाएगी।

पटवारी शिवम वर्मा ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में कैडर रिव्यू, समयमान वेतनमान, पदोन्नति की व्यवस्था, नायब तहसीलदार पद के लिए विभागीय परीक्षा आयोजित करना, जॉब प्रोटेक्शन एक्ट लागू करना, लंबित वित्तीय देयकों का भुगतान तथा नियम विरुद्ध स्थानांतरण पर रोक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन की शुरुआत के पहले दिन उनकी एक मांग पर कार्रवाई हुई है, लेकिन शेष मांगों का समाधान होने तक हड़ताल जारी रहेगी।

महिला पटवारी पुष्पा सिंह धुर्वे ने बताया कि पटवारी संघ पूर्व में भी मुख्यमंत्री के समक्ष वेतन विसंगति सहित अन्य मुद्दे उठा चुका है। उन्होंने कहा कि वर्तमान आंदोलन की प्रमुख मांगों में कैडर रिव्यू, वेतन विसंगति का निराकरण तथा पदोन्नति संबंधी व्यवस्थाएं प्रमुख हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और संगठन के प्रांतीय नेतृत्व के निर्देशों का पालन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि पटवारियों की हड़ताल के कारण जिले में नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, फसल संबंधी अभिलेखों सहित अन्य राजस्व कार्य प्रभावित होने लगे हैं। अब सभी की निगाहें शासन और पटवारी संघ के बीच संभावित वार्ता तथा आंदोलन के समाधान पर टिकी हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्‍द्र त्रिपाठी