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देहरादून, 20 जुलाई (हि.स.)। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सोमवार को सचिवालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करते हुए राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप विकसित करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सरकारी और गैर सरकारी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को गुणवत्ता आधारित शिक्षा व्यवस्था के लिए नए सिरे से तैयार किया जाए। उन्होंने सभी सरकारी विश्वविद्यालयों को आगामी पांच वर्षों का कार्ययोजना (प्लान) तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों को मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद और एनआईआरएफ एक्रेडिटेशन हासिल करने के लिए विशेष प्रयास करने होंगे। इसके लिए अल्पकालीन, मध्यकालीन और दीर्घकालीन योजनाएं बनाकर गुणवत्ता मानकों को पूरा किया जाए। उन्होंने सभी 11 सरकारी विश्वविद्यालयों को मूल्यांकन और रैंकिंग के लिए प्रभावी मैकेनिज्म तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने सरकारी और सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के लिए अगले 8 से 10 दिनों में राज्य स्तरीय रैंकिंग पैरामीटर तैयार करने का लक्ष्य भी तय किया।
बैठक में उन्होंने छात्र-छात्राओं की ट्रेसिंग व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के कोर्स के साथ-साथ इंटर्नशिप में भागीदारी को भी शामिल किया जाना चाहिए। इसके लिए विश्वविद्यालयों को उद्योगों, गैर सरकारी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के साथ समन्वय बढ़ाने की जरूरत है।
मुख्य सचिव ने विश्वविद्यालयों में विदेशी भाषाओं के अध्ययन को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग को भी इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
बैठक में सचिव डॉ. बी.वी.आर.सी.पुरुषोत्तम,अपर सचिव मनुज गोयल,कुलपति प्रो.सुरेखा डंगवाल,प्रो.दीवान एस.रावत,प्रो.नवीन चंद्र लोहानी, प्रो.एन.के. जोशी,प्रो.सतपाल सिंह बिष्ट सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय