Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

नई दिल्ली, 16 मई (हि.स.)। द्वारका कोर्ट ने उत्तम नगर में होली के दौरान हुई हत्या के मामले के आरोपितों को कोर्ट में फिजिकल रुप से पेश करने के लिए सभी आरोपितों के खिलाफ प्रोडक्शन वारंट जारी किया है। एडिशनल सेशंस जज शिवाली बंसल ने दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट पर गौर करने के बाद सभी आरोपियों को सुनवाई की अगली तिथि को सशरीर कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 22 मई को होगी।
दिल्ली पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि आरोपियों पर हमले या उनके साथ झगड़े की कोई धमकी नहीं मिली है। लेकिन मामले की गंभीरता और सांप्रदायिक माहौल को देखते हुए आरोपियों की पर्याप्त सुरक्षा के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा जेल अधीक्षकों से कहा गया है कि वे उन कैदियों की पहचान करें जिन पर ये संदेह हो कि वे इन आरोपितों पर जेल से कोर्ट ले जाने और लेकर आने के दौरान हमला कर सकते हैं। सुनवाई के दौरान इस मामले के शिकायतकर्ता ने कहा कि चार्जशीट के कुछ दस्तावेज पठनीय नहीं हैं, उन्हें उपलब्ध कराया जाए। उसके बाद कोर्ट ने जांच अधिकारी को निर्देश दिया कि वो सुनवाई की अगली तिथि तक चार्जशीट के पठनीय दस्तावेज उपलब्ध कराएं।
दरअसल, कोर्ट ने दिल्ली पुलिस ने पूछा था कि कानून-व्यवस्था और कैदियों की सुरक्षा का आकलन कर ये बताएं कि आरोपितों को कोर्ट में फिजिकल पेश किया जा सकता है कि नहीं। शनिवार काे सुनवाई में इस मामले के सभी 17 आरोपित वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये अलग-अलग कोर्ट से पेश हुए। सुनवाई के दौरान आरोपिताें के वकीलों ने आरोपितों को सुनवाई की अगली तिथि को फिजिकल कोर्ट में पेश करने की मांग की थी ताकि कोर्ट में चल रही कार्यवाही उनकी उपस्थिति में हो।
बता दें कि, 6 मई को दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दाखिल किया था। दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट में जिन लोगों को आरोपित बनाया है उनमें उमरद्दीन, कमरुद्दीन, जुम्माद्दीन, मुश्ताक, ताहिर, मुजफ्फर ऊर्फ मौजी, सलमा, शरीफन, सायरा बानो ऊर्फ काली, साहिल, समीर चौहान, शकील, मोहम्मद इस्माइल, इमामुद्दीन ऊर्फ लाला खान, अमीन, इमरान, रेहान और इमरान ऊर्फ बंटी शामिल हैं। करीब 500 पन्नों की चार्जशीट में हत्या, गैरकानूनी भीड़ का हिस्सा होना, दंगा करने, अनाधिकृत रुप से प्रवेश करने और एससी-एसटी एक्ट के प्रावधानों के तहत आरोप लगाया गया है।
दरअसल, 4 मार्च को होली के दौरान तरुण भुटौलिया नामक 26 वर्षीय युवक की हत्या कर दी गई थी । दिल्ली पुलिस के मुताबिक तरुण भुटौलिया के परिवार की एक नाबालिग लड़की ने 4 मार्च को पानी भरे बैलून एक महिला पर फेंके थे। स्थिति तब बेकाबू हो गई बाद में महिला के रिश्तेदारों ने तरुण भुटौलिया पर डंडों से हमला किया जिससे वो घायल हो गया। जिसके बाद तरुण भुटौलिया की अगले दिन मौत हो गई। इस मामले में आरोपी मुस्लिम समुदाय का है जिसकी वजह से इसे सांप्रदायिक रंग दिया गया था। पुलिस के मुताबिक दोनों परिवारों के बीच पहले से कोई दुश्मनी नहीं थी। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में करीब 50 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इसके पहले दिल्ली नगर निगम ने इस मामले के एक आरोपी की संपत्ति का कथित रुप से अनाधिकृत हिस्से को ध्वस्त कर दिया था।
हिन्दुस्थान समाचार/संजय
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी