तेलंगाना : जनगणना का पहला चरण 11 मई से 9 जून तक,व्यवधान डालने वाले पर लगेगा जुर्माना
हैदराबाद, 08 अप्रैल (हि.स.)। तेलंगाना में जनगणना- 2027 की प्रक्रिया 11 मई से शुरू होने जा रही है। राज्य सरकार ने इसके पहले चरण को लेकर अधिसूचना जारी कर नागरिकों से तैयार रहने की अपील की है। जनगणना कार्य में बाधा डालने य
तेलंगाना में जनगणना- 2027 की प्रक्रिया 11 मई से


तेलंगाना में जनगणना- 2027 की प्रक्रिया 11 मई से


हैदराबाद, 08 अप्रैल (हि.स.)। तेलंगाना में जनगणना- 2027 की प्रक्रिया 11 मई से शुरू होने जा रही है। राज्य सरकार ने इसके पहले चरण को लेकर अधिसूचना जारी कर नागरिकों से तैयार रहने की अपील की है। जनगणना कार्य में बाधा डालने या प्रश्नाें का सही जवाब न देने पर जुर्माना का भी

प्रावधान किया गया है।

अधिसूचना के अनुसार, जनगणना का प्रारंभिक चरण यानी घर-घर जाकर आंकड़ों का संग्रह 11 मई से शुरू होकर 9 जून 2026 तक चलेगा।तेलंगाना के मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव के हस्ताक्षर से जारी सभी विभाग प्रधानों के नाम इस पत्र में विस्तार से नियम-कायदों से लेकर जरुरी आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। अधिसूचना के मुताबिक तेलंगाना गजट में भी संख्या-58, दिनांक 13 मार्च, 2026 को इसे प्रकाशित किया जा चुका है।

जनगणना 2027 इस बार डिजिटल माध्यम से भी की जाएगी। नागरिक 26 अप्रैल से 10 मई के बीच स्वयं ऑनलाइन (सेल्फ-एन्यूमरेशन) के जरिए अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं। इसके बाद फील्ड अधिकारी घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। नागरिकों के लिए यह कानूनी रूप से अनिवार्य होगा कि वे जनगणना अधिकारियों के पूछे गए प्रश्नों का सही और पूर्ण उत्तर दें। हालांकि, महिलाओं के नाम बताना अनिवार्य नहीं है, विशेषकर उन मामलों में जहां सामाजिक परंपराएं इसकी अनुमति नहीं देतीं है।

जनगणना के दौरान घर के सदस्य अधिकारियों को डेटा संग्रह के लिए घर में प्रवेश से नहीं रोक सकते और न ही घर पर लगाए जाने वाले आधिकारिक चिन्हों को हटा या नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस चरण में आमतौर पर घरों या कार्यालयों में एक फॉर्म (शेड्यूल) छोड़ा जाएगा,

जिसे परिवार के सदस्य या अधिकारी सही जानकारी के साथ भरकर हस्ताक्षर कर संबंधित जनगणना अधिकारी को सौंपेंगे।

अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि जनगणना कार्य में बाधा डालना दंडनीय अपराध है। कर्तव्य में लापरवाही बरतने वाले जनगणना अधिकारी या अधिकृत कर्मियों पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर गलत जानकारी देता है, सवालों के जवाब देने से इंकार करता है, अधिकारियों को घर में प्रवेश से रोकता है, जनगणना के चिन्हों को हटाता या नुकसान पहुंचाता है या आवश्यक फॉर्म नहीं भरता, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में 1,000 रुपये तक का जुर्माना और दोष सिद्ध होने पर तीन साल तक की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा, किसी अपराध में सहयोग करने वालों पर भी 1,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj