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हैदराबाद, 04 अप्रैल (हि.स.) । भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) ने पिछले दिनों केसीआर के कैंप कार्यालय पर हुए कथित हमले, तोड़फोड़ और मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की तस्वीर लगाए जाने के विरोध में सोमवार को गजवेल बंद का आह्वान किया। इस दौरान बीआरएस कार्यकर्ताओं ने सड़क पर धरना देकर बसों की आवाजाही बाधित की और कांग्रेस सरकार के खिलाफ रोषपूर्ण प्रदर्शन किया।
आज बीआरएस कार्यकर्ताओं ने गजवेल में धरना-प्रदर्शन कर घटना का विरोध किया और रेवंत रेड्डी सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जय तेलंगाना और केसीआर जिंदाबाद जैसे नारे लगाए। इस मौक पर मीडिया से बातचीत में गजवेल विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी वंटेरू प्रताप रेड्डी ने कहा कि रेवंत रेड्डी लगातार केसीआर और उनके परिवार को निशाना बना रहे हैं। विधानसभा में उन्होंने कहा था कि उनके पास गुंडे हैं। अब हमने केसीआर के कार्यालय में तोड़फोड़ देखी है।
बीआरएस के पिछले कार्यकाल का जिक्र करते हुए प्रताप रेड्डी ने कहा कि केसीआर ने वर्ष 2001 में तेलंगाना राष्ट्र समिति यानि टीआरएसकी स्थापना की। उनके लगातार प्रयासों से तेलंगाना राज्य का गठन संभव हुआ। सीएम रहने के दौरान ने अस्पताल, कॉलेज, आवासीय कल्याण स्कूल, उद्योग, जलाशय और नहरों का निर्माण कराया।
उल्लेखनीय है कि दो दिन पहले सिद्धिपेट जिले के गजवेल में केसीआर के कार्यालय में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के कथित तौर पर तोड़फोड़ की गई थी और वहां रेवंत रेड्डी की तस्वीर लगा दी गई थी। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष तुमुकुंटा अक्षणा रेड्डी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कथित रूप से खिड़की के शीशे तोड़े थे, ऐसा आरोप बीआरएस ने लगाते हुए आज गजवेज बंद बुलाया था।
गजवेल के सहायक पुलिस आयुक्त ने बताया कि इस मामले में कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dev Kumar Pukhraj