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नई दिल्ली, 06 मार्च (हि.स.)। पटियाला हाउस कोर्ट के सेशंस कोर्ट ने भारत मंडपम में एआई शिखर सम्मेलन में 20 फरवरी को शर्टलेस प्रदर्शन के मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट से मिली जमानत को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए युवा कांग्रेस के नौ कार्यकर्ताओं को नोटिस जारी किया है। एडिशनल सेशंस जज प्रशांत शर्मा ने मामले की अगली सुनवाई 23 अप्रैल को करने का आदेश दिया।
जुडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास रवि ने एक मार्च को युवा कांग्रेस के नौ कार्यकर्ताओं को जमानत दी थी। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कहा था कि प्रदर्शन के समय लगाए गए नारे भड़काऊ नहीं थे और उनमें कोई धार्मिक या क्षेत्रीय रंग नहीं था। प्रदर्शन के दौरान किसी भी तरह की तोड़फोड़ या लोगों को डराने का कोई सबूत नहीं मिला। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल के पहले किसी को बिना जरुर कारण जेल में रखा जाए, तो यह बिना सजा तय हुए ही सजा देने जैसा होगा। कोर्ट ने कृष्ण हरि, नरसिंह यादव, कुंदन कुमार यादव, अजय कुमार सिंह, जितेंद्र सिंह यादव, राजा गुर्जर, अजय कुमार विमल ऊर्भ बंटू, सौरभ सिंह और अरबाज खान को जमानत दी थी।
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए कहा कि युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता 20 फरवरी को एआई शिखर सम्मेलन के स्थान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की तस्वीरों वाली टी शर्ट पहनकर या हाथ में लहराते हुए पहुंचे थे। टी-शर्ट्स पर इंडिया-यूएस ट्रेड डील, एपस्टीन फाइल्स और पीएम इज कंप्रोमाइज्ड जैसे नारे लिखे थे।
पुलिस के मुताबिक एआई शिखर सम्मेलन के दौरान अंतरराष्ट्रीय मीडिया मौजूद थी और उसी दौरान नारेबाजी की गई। दिल्ली पुलिस ने कहा कि इन प्रदर्शकारियों को रोकने के दौरान पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की की गई जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए।
इस मामले में युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब को 28 फरवरी को मजिस्ट्रेट कोर्ट से जमानत मिली थी। 28 फरवरी को ही सेशंस कोर्ट ने जमानत पर रोक लगा दी थी। दिल्ली उच्च न्यायालय ने 2 मार्च को चिब को जमानत पर लगी रोक को हटा दी थी। इस मामले में युवा कांग्रेस के महासचिव निगम भंडारी को 24 मार्च तक की अंतरिम जमानत मिल चुकी है।
हिन्दुस्थान समाचार/संजय
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हिन्दुस्थान समाचार / अमरेश द्विवेदी