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रांची, 06 मार्च, (हि.स.)। हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में जेल में बंद आईएएस अधिकारी विनय चौबे ने झारखंड उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दायर की है। उनके अधिवक्ता के माध्यम से दाखिल इस याचिका पर शुक्रवार को उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायामूर्ति संजय कुमार द्विवेदी की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को मामले में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान विनय चौबे की ओर से वरीय अधिवक्ता आर. एस. मजूमदार ने अदालत में पक्ष रखा। अदालत ने एसीबी से मामले में विस्तृत जवाब प्रस्तुत करने को कहा है, जिसके बाद अगली सुनवाई में इस पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) इस मामले में पहले ही विनय चौबे के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। एसीबी ने मामले की प्राथमिक जांच (प्रीलिमिनरी इंक्वायरी) पूरी करने के बाद रांची एसीबी थाना में कांड संख्या 11/2025 दर्ज किया था। जांच के दौरान एजेंसी ने कई दस्तावेज और गवाहों के बयान जुटाए हैं।
एसीबी की जांच में हजारीबाग वन भूमि से जुड़े कथित जमीन घोटाले में विनय चौबे की संलिप्तता सामने आने का दावा किया गया है। एजेंसी के अनुसार, जमीन के अवैध हस्तांतरण और सौदे में कई लोगों की भूमिका पाई गई है।
इस मामले में विनय चौबे के करीबी विनय सिंह, उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह, हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद, तत्कालीन अंचल अधिकारी (सीओ) शैलेश कुमार और ब्रोकर विजय सिंह सहित कुल 73 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।
एसीबी को अब तक मिले साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर एजेंसी ने इस पूरे प्रकरण को बड़े जमीन घोटाले के रूप में दर्ज किया है और मामले की आगे की जांच जारी है।-----------------
हिन्दुस्थान समाचार / विकाश कुमार पांडे