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भोपाल, 09 फरवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विजय शाह द्वारा भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई विवादित टिप्पणी से जुड़ा मामला आज सोमवार उच्चतम न्यायालय में सुनवाई के लिए पेश होगा। इस संवेदनशील प्रकरण पर देशभर की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि अदालत के समक्ष आज राज्य सरकार को अपना स्पष्ट रुख रखना है कि वह मंत्री के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी देती है या नहीं।
उल्लेखनीय है कि पूरा विवाद मई 2025 में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान दिए गए मंत्री विजय शाह के बयान से शुरू हुआ था। कार्यक्रम में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर ऐसी टिप्पणी कर दी, जिसे कई लोगों ने अपमानजनक और सांप्रदायिक करार दिया। बयान के सामने आते ही देशभर में तीखी प्रतिक्रिया हुई और विभिन्न सामाजिक संगठनों व राजनीतिक दलों ने इसका विरोध शुरू कर दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लिया और राज्य पुलिस को मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद से यह मामला लगातार न्यायिक प्रक्रिया में बना हुआ है और अब उच्चतम न्यायालय तक पहुंच चुका है। इस दौरान यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी चर्चा का केंद्र बना रहा।
19 जनवरी 2026 को हुई पिछली सुनवाई में उच्चतम न्यायालय ने मध्य प्रदेश सरकार को दो सप्ताह के भीतर यह निर्णय लेने के निर्देश दिए थे कि मंत्री विजय शाह के खिलाफ अभियोजन चलाने की अनुमति दी जाए या नहीं। अदालत ने सरकार से स्पष्ट रुख अपनाते हुए अपना जवाब प्रस्तुत करने को कहा था। आज राज्य सरकार को अपना जवाब दाखिल करना है। आज का दिन मंत्री विजय शाह के राजनीतिक भविष्य के लिहाज से महत्वपूर्ण होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. मयंक चतुर्वेदी