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चंडीगढ़, 06 फ़रवरी (हि.स.)। हरियाणा सरकार प्रदेश में मजदूरी की न्यूनतम दरों को बढ़ाने की तैयारी में है। प्रदेश सरकार ने मजदूरी की दरें नए सिरे से तय करने के लिए कमेटी और सब कमेटी गठित कर दी हैं। इनमें संयुक्त श्रम आयुक्त और उप श्रम आयुक्त के साथ ही नियोक्ताओं और श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है।
श्रम विभाग के प्रधान सचिव राजीव रंजन द्वारा गठित कमेटी में संयुक्त श्रम आयुक्त परमजीत सिंह ढुल को अध्यक्ष बनाया गया है। सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, कमेटी को और सब कमेटी को पड़ोसी राज्यों के साथ मजदूरी की दरों की तुलना कर 90 दिन में अपनी रिपोर्ट सरकार को देनी होगी। इसके बाद न्यूनतम मजदूरी की दरों में बदलाव किया जाएगा।
नियोक्ता प्रतिनिधियों के रूप में गुरुग्राम औद्योगिक संघ के अध्यक्ष जेएन मंगला, एफआईसीसीआई एवं एचसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष रमन सलूजा, एमएसएमई चैंबर ऑफ कामर्स के वाइस चेयरमैन विनोद गुप्ता, मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन फरीदाबाद के अध्यक्ष सुखदेव सिंह, फरीदाबाद औद्योगिक संघ के राम अवतार अग्रवाल को शामिल किया गया है। इसी तरह श्रमिकों के प्रतिनिधियों के रूप में सीटू प्रधान सुरेखा, बीएमएस हरियाणा के प्रधान अशोक कुमार, एटक महासचिव अनिल पवार, इंटक प्रवक्ता नसीब जाखड़, हिंद मजदूर सभा के अध्यक्ष सूर्य देव त्यागी और स्वतंत्र प्रतिनिधि के रूप में बीएमएस के क्षेत्रीय संगठन सचिव पवन कुमार को शामिल किया गया है।
ईंट भट्टाें के लिए न्यूनतम दरों का निर्धारण और अनुशंसा करने के लिए उप श्रम आयुक्त विश्वप्रीत सिंह हुड्डा की अगुवाई में गठित सब कमेटी में हरियाणा प्रदेश ईंट भट्टा मालिक संघ के चेयरमैन प्रमोद गुप्ता और अध्यक्ष अजीत यादव नियोक्ताओं का प्रतिनिधित्व करेंगे। श्रमिक प्रतिनिधियों में लाल झंडा भट्टा मजदूर यूनियन के प्रदेश महासचिव विनोद कुमार और रमेश चंद्र महारानिया को शामिल किया गया है। बीएमएस के क्षेत्रीय संगठन सचिव पवन कुमार स्वतंत्र प्रतिनिधि होंगे। सभी सदस्यों का कार्यकाल दो वर्ष या उनके उत्तराधिकारियों की नियुक्ति तक होगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा