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धर्मशाला, 05 फ़रवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परम्परा का सम्यक बोध कराने के लिए अपने सभी विभागों के दो अध्यापकों को विशेष प्रशिक्षण प्रदान करेगा। इसके तहत सभी विभाग दो अध्यापकों को संस्कृत बोध हेतु नामित करेंगे और हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय का संस्कृत विभाग इन नामित अध्यापकों में संस्कृत बोध पैदा करने के लिए एक वर्ष का पाठ्यक्रम डिजाइन करेगा। यह बातें हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल ने वीरवार को दस दिवसीय आवासीय संस्कृत संभाषण कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में कहीं। यह कार्यशाला हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय, केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली और संस्कृत भारती, हिमाचल प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है।
प्रो.बंसल ने कहा कि परिसर में सांस्कृतिक बोध को सशक्त करने के लिए हिमाचल प्रदेश केन्द्रीय विश्वविद्यालय और केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के मध्य जल्द ही एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया जाएगा।
इस अवसर पर केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के बलाहर परिसर की निदेशक प्रो. सत्यम कुमारी ने आवासीय सम्भाषण कार्यशाला में सहभाग कर रहे सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और यह आशा जताई कि कार्यशाला भारतीय ज्ञान परम्परा के सातत्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया