एमएलए फंड घोटाला मामला: पूर्व विधायक बलजीत यादव 7 तक ईडी के रिमांड पर
जयपुर, 04 फ़रवरी (हि.स.)। ईडी मामलों की विशेष कोर्ट ने बुधवार को एमएलए फंड के दुरुपयोग के मनी लाॅन्ड्रिंग मामले में बहरोड़ के पूर्व एमएलए बलजीत यादव को 7 फरवरी तक ईडी के रिमांड पर भेज दिया। ईडी ने यादव को कोर्ट में पेश कर कहा कि उसने फर्जी फर्म बनाक
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जयपुर, 04 फ़रवरी (हि.स.)। ईडी मामलों की विशेष कोर्ट ने बुधवार को एमएलए फंड के दुरुपयोग के मनी लाॅन्ड्रिंग मामले में बहरोड़ के पूर्व एमएलए बलजीत यादव को 7 फरवरी तक ईडी के रिमांड पर भेज दिया। ईडी ने यादव को कोर्ट में पेश कर कहा कि उसने फर्जी फर्म बनाकर करोड़ों रुपए का फंड हड़पा है। उससे अभी इस मामले में पूछताछ करनी है, इसलिए उसे रिमांड पर दिया जाए। यादव के वकीलों ने इसका विरोध किया। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनकर यादव को तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया। इस मामले में पूर्व विधायक यादव पर एमएलए फंड से 3 करोड़ रुपए से भी ज्यादा राशि के दुरुपयोग व गबन का आरोप है। जिस पर ही ईडी ने पीएमएलए के तहत यादव के खिलाफ यह कार्रवाई की है। ईडी ने अलवर के शाहजहांपुर टोल प्लाजा से मंगलवार रात पूर्व विधायक बलजीत यादव को हिरासत में लिया था। बाद में पूछताछ के लिए जयपुर स्थित ईडी ऑफिस लाया गया। पूछताछ के बाद बलजीत यादव को ईडी ने गिरफ्तार कर लिया।

कोर्ट में पेशी के दौरान ईडी ने पहले 6 दिन व बाद में 4 दिन के लिए यादव को रिमांड पर देने का आग्रह किया। ईडी का आरोप है कि पूर्व एमएलए यादव के निर्देश पर परिचित व रिश्तेदारों की 4 फर्मों को खेल सामग्री खरीद के टेंडर मंजूर हुए, जिसमें बाजार मूल्यों की तुलना में कई गुना कीमत पर सामान की खरीद कर फर्जीवाड़ा किया। ईडी के अधिवक्ता अजातशत्रु मीना ने कहा कि सरकारी स्कूलों में खेल सामान की आपूर्ति करने वाली सभी चारों फर्म पूर्व विधायक बलजीत यादव के कर्मचारी व रिश्तेदारों की है। टेंडर में की गई आपूर्ति का भुगतान होने के बाद ये सभी फर्में बंद हो गईं। खेल सामग्री की आपूर्ति से प्राप्त दो करोड़ 74 लाख 75 हजार रुपए का उपयोग वैशाली नगर में प्लॉट खरीदने, बहरोड़ के पास 12.50 बीघा कृषि भूमि की खरीद के लिए अग्रिम देने व चुनावी रैली में हेलीकॉप्टर से फूल बरसाने में हुआ है।

यादव के अधिवक्ता ने गिरफ्तारी को गैरकानूनी बताते हुए कहा कि ईडी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर गिरफ्तारी की, जबकि एसीबी से जुड़े मामले में हाईकोर्ट का स्टे है। यह राजनीति प्रेरित व राजनीतिक विरोधियों का षड्यंत्र का मामला है। अभी तक 5 बार जांच हो चुकी है, जिसमें किसी को दोषी नहीं माना गया। पेशी के दौरान बलजीत यादव ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बहरोड़ के मौजूदा भाजपा विधायक जसवंत यादव अपने बेटे को राजनीति में स्थापित करना चाहते हैं और इसी कारण उनके खिलाफ झूठा मामला बनाया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जसवंत यादव गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और राजनीतिक लाभ के लिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारीक