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चंडीगढ़, 18 फरवरी (हि.स.)। पंजाब के बठिंडा में बुधवार को पुलिस तथा किसानों के जमकर झड़प हुई। इस घटनाक्रम में कई किसानों की पगडिय़ां उतर गई। बठिंडा के गांव जिओंद के पास दोनों तरफ से पथराव हुआ। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे।
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के नेतृत्व में बठिंडा शहर की ओर निकाले गए मार्च को पुलिस ने रोक दिया। किसान बठिंडा में डिप्टी कमिश्नर के ऑफिस के बाहर धरना देने जा रहे थे। जिसके बाद किसान रामपुराफूल से पहले बठिंडा-चडीगढ़ हाईवे पर अपनी मांगों को लेकर धरना देकर बैठ गए। पुलिस फोर्स किसानों को रोकने के लिए पहुंची, लेकिन किसान नहीं माने। जाम के कारण पुलिस ने बठिंडा से चंडीगढ़ जाने वाले ट्रैफिक को गांवों के रास्ते से डायवर्ट किया गया है। इसी दौरान बठिंडा आ रहे किसानों के साथ पटियाला के समाना में पुलिस के साथ झड़प हुई। किसानों की मुख्य मांग जेल में बंद उनके 2 साथियों, बलदेव सिंह और शगनदीप सिंह (गांव जिओंद) की तत्काल रिहाई है।
ये दोनों 9 महीनों से अधिक समय से जेल में हैं। इस टकराव में पुलिस और किसानों की ओर से कई लोग घायल हुए हैं। तबीयत बिगडऩे पर किसानों को फौरन सुरक्षित जगह पर ले जाया गया। बठिंडा की एसएसपी ज्योति यादव ने कहा कि कुछ लोगों की भीड़ ने पुलिस बल पर हमला कर दिया था। छतों पर चढक़र पत्थर फैंके गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कानून के अनुसार हलके बल का प्रयोग करके भीड़ को तितर-बितर किया गया। स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा