'विदेशी मेहमानों' का कारवां, साइबेरियन पक्षियों के कलरव से गुलजार हुई चित्तौड़गढ़ जलाशय
Siberian birds in Balrampur
Birds


Siberian birds


बलरामपुर 12 फ़रवरी (हि.स.)। यूपी के जनपद बलरामपुर का सबसे विशाल जलाशय के रूप में विख्यात चित्तौड़गढ़ व भगवानपुर जलाशय इन दिनों प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। बदलते मौसम के समय सात समंदर पार से आए साइबेरियन पक्षियों के झुंड ने बांध के नीले पानी को अपना अस्थायी बसेरा बना लिया है। भोर की पहली किरण के साथ जब इन विदेशी मेहमानों का कलरव गूंजता है, तो पूरा वातावरण किसी सुरम्य संगीत की तरह जीवंत हो उठता है।

नीले पानी पर सफेद मखमली चादर

हजारों किलोमीटर की लंबी और चुनौतीपूर्ण उड़ान भरकर आए ये पक्षी बांध की सतह पर अठखेलियां करते नजर आ रहे हैं। दूर से देखने पर ऐसा प्रतीत होता है मानो विशाल जलाशय ने सफेद मखमली चादर ओढ़ ली हो। स्थानीय ग्रामीणों और पर्यटकों के लिए यह नजारा किसी उत्सव से कम नहीं है

विशेषज्ञों के अनुसार, साइबेरिया और मध्य एशिया के ठंडे इलाकों में बर्फबारी अधिक होने के कारण ये पक्षी अनुकूल वातावरण और भोजन की तलाश में तराई के इन जलाशयों का रुख करते हैं

पर्यटन और पर्यावरण का संगम

चित्तौड़गढ़ बांध की भौगोलिक स्थिति और यहाँ मौजूद जलीय जीव इन पक्षियों के लिए उत्तम आहार प्रदान करते हैं। पक्षियों की विभिन्न प्रजातियों, जिनमें 'पिंटेल', 'कॉमन टील' और 'साइबेरियन क्रेन' शामिल हैं, ने बांध की सुंदरता में चार चांद लगा दिए हैं। फोटोग्राफी के शौकीन और पक्षी प्रेमी सुबह-शाम यहाँ डेरा डाले रहते हैं ताकि इन अद्भुत पलों को अपने कैमरों में कैद कर सकें

सुरक्षा की अपील

वन रेंज अधिकारी अमरजीत प्रसाद ने पर्यटकों से अपील की है कि वे इन मेहमानों की शांति में खलल न डालें। इन पक्षियों का आना न केवल जैव विविधता के लिए शुभ संकेत है, बल्कि यह बलरामपुर के ईको-टूरिज्म की संभावनाओं को भी बल देता है। प्रकृति का यह मनमोहक दृश्य फरवरी के अंत तक बना रहने की उम्मीद है।

हिन्दुस्थान समाचार / प्रभाकर कसौधन