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संभल , 08 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद संभल की सदर तहसील में स्थित शाही जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने का दावा पेश करने वाली याचिका में आज सिविल जज सीनियर डिवीजन ने सुनवाई की अगली तिथि 24 फरवरी तय की है। सुनवाई न हाेने की एक वजह इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से स्टे हाेना भी है।
उल्लेखनीय है कि संभल की जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर होने की आठ याचियों की ओर से दावा करने वाली एक याचिका सिविल जज सीनियर डिवीज़न के यहाँ 19 नवंबर 2024 को दाखिल की गई थी। इसी पर आज सुनवाई होनी थी। इससे पूर्व सिविल जज सीनियर डिवीज़न आदित्य सिंह के कोर्ट में पिछली सुनवाई 3 दिसंबर को हुई थी। आज हुई सुनवाई में न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख 24 फरवरी तय की है।
इस विषय में जानकारी देते हुए हिन्दू पक्ष के अधिवक्ता श्री गोपाल शर्मा ने बताया कि 26 फरवरी की तिथि तय की गई है, चूंकि इसमें सुप्रीम कोर्ट का आदेश है जो न्यायालय का सर्वे का आदेश था उसके विरुद्ध मस्जिद पक्ष हाई कोर्ट गया था। हाईकोर्ट ने न्यायालय सिविल जज सीनियर डिवीजन के आदेश को सही ठहराया और उनकी रिट को निरस्त कर दिया। हाई कोर्ट के निर्णय के विरुद्ध मस्जिद पक्ष सुप्रीम कोर्ट गया और सुप्रीम कोर्ट ने उसमें स्टे जारी कर दिया । उसमें सुप्रीम कोर्ट में एक बार सुनवाई हो चुकी है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उसमें कोई निर्णय नहीं दिया है , ऐसे में अभी सुप्रीम कोर्ट का स्टे ऑर्डर स्टैंड कर रहा है। इसलिए आज सिविल जज सीनियर डिवीजन संभल ने इसमें 24 फरवरी 2026 दी है।
वहीं इस मामले में शाही जामा मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता शकील अहमद वारसी ने बताया कि जो मुकदमा 19 नवंबर को सिविल जज सीनियर डिवीजन संभल के यहां प्रस्तुत हुआ था । उसकी आज सुनवाई थी जिसमें 24 फरवरी 2026 की तिथि दी है, क्योंकि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में है और ऑर्डर फाइनल नहीं हुआ है, क्योंकि हाई कोर्ट के आदेश के विरुद्ध मस्जिद पक्ष सुप्रीन कोर्ट गया था।
हिन्दुस्थान समाचार / Nitin Sagar