हाईकोर्ट ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद काे किया तलब
--कोर्ट ने पूछा, अंतरजनपदीय तबादले में याची की ग़लती नहीं तो क्यों न हो समायोजन प्रयागराज, 08 जनवरी (हि.स.)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को 21 जनवरी को इस स्पष्टीकरण के साथ तलब किया है कि अंतरजनपदीय तबादले में याची की ग़लती नह
इलाहाबाद हाईकाेर्ट


--कोर्ट ने पूछा, अंतरजनपदीय तबादले में याची की ग़लती नहीं तो क्यों न हो समायोजन

प्रयागराज, 08 जनवरी (हि.स.)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को 21 जनवरी को इस स्पष्टीकरण के साथ तलब किया है कि अंतरजनपदीय तबादले में याची की ग़लती नहीं तो उसे किस तरह से समायोजित किया जाय।

सचिव ने यह कहते हुए याची प्रधानाध्यापक प्राइमरी स्कूल नगला मुकुट फर्रुखाबाद की अंतरजनपदीय तबादले की अर्जी अस्वीकार कर दी थी कि तकनीकी खामी के चलते उसकी अर्जी पर विचार नहीं किया जा सका था, और आफलाइन विचार किए जाने का कानूनी उपबंध नहीं है। जिसे याचिका में चुनौती दी गई है।

यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने असद उल्लाह खान की याचिका पर दिया है। याची के बीएसए फर्रुखाबाद को अंतरजनपदीय तबादले की अर्जी दी। जिस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका तो उसने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को अर्जी दी।जिसे अस्वीकार कर दिया गया। कहा गया कि याची ने बीएसए को दी गई अर्जी पर निर्णय का इंतजार करने के बजाय सचिव के पास चला गया। इसमें बीएसए की कोई ग़लती नही है।

दोनों अधिकारियों की तरफ से दी गई जानकारी को कोर्ट ने उचित नहीं माना और सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को हाजिर होने का आदेश दिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामानंद पांडे