याचिकाकर्ता साक्षात्कार में शामिल होने के बाद कैसे दे सकते हैं भर्ती प्रक्रिया को चुनौती
जयपुर, 08 जनवरी (हि.स.)। एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में गुरुवार को चयनित अभ्यर्थियों की ओर से हाईकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष अपना पक्ष रखा गया। वहीं अदालत ने मामले में अब 12 दिसंबर को सुनवाई तय की है। एक्टिंग सीजे एसपी शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा
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जयपुर, 08 जनवरी (हि.स.)। एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक मामले में गुरुवार को चयनित अभ्यर्थियों की ओर से हाईकोर्ट की खंडपीठ के समक्ष अपना पक्ष रखा गया। वहीं अदालत ने मामले में अब 12 दिसंबर को सुनवाई तय की है। एक्टिंग सीजे एसपी शर्मा और जस्टिस संगीता शर्मा की खंडपीठ ने यह आदेश राज्य सरकार व अन्य की अपील पर सुनवाई करते हुए दिए।

सुनवाई के दौरान चयनित अभ्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आरएन माथुर ने अदालत को बताया कि मामले में एसओजी की रिपोर्ट नकल कराने वाली गैंग के सदस्यों का इतिहास बताती है, न की इस भर्ती के पेपर लीक को। वहीं एकलपीठ के समक्ष याचिकाकर्ता रहे कई अभ्यर्थियों ने लिखित परीक्षा के बाद फिजिकल और साक्षात्कार तक पहुंचे थे। इसके बाद वे असफल हो गए थे। ऐसे में नियमानुसार एक बार चयन प्रक्रिया में शामिल होने पर उसे अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती। चयनित अभ्यर्थियों की ओर से यह भी कहा गया कि परीक्षा के कई विभिन्न चरण हुए थे। जिसके हर स्तर पर मिलीभगत साबित नहीं हुई है। इसके अलावा एसओजी, महाधिवक्ता और कैबिनेट उप समिति की रिपोर्ट सिर्फ सिफारिश मात्र थी। एकलपीठ में याचिकाकर्ताओं ने भर्ती को लेकर अंतिम निर्णय होने से पूर्व ही याचिका दायर कर दी। इसके बावजूद भी एकलपीठ ने भर्ती को रद्द करने के संबंध में आदेश दे दिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारीक