बलरामपुर : खेत से मटर तोड़ने पर नाबालिग बच्चों को रस्सी से बांधकर बेरहमी से पीटने वाला आरोपित गिरफ्तार
बलरामपुर, 07 जनवरी (हि.स.)। बलरामपुर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र से मानवता को झकझोर देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। खेत में लगे मटर को तोड़कर खाने जैसी मामूली बात पर एक व्यक्ति ने नाबालिग बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए उन्हें रस्सी से
आरोपित गिरफ्तार


बलरामपुर, 07 जनवरी (हि.स.)। बलरामपुर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र से मानवता को झकझोर देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। खेत में लगे मटर को तोड़कर खाने जैसी मामूली बात पर एक व्यक्ति ने नाबालिग बच्चों के साथ अमानवीय व्यवहार करते हुए उन्हें रस्सी से बांधकर बेरहमी से मारपीट की। मामले की सूचना मिलते ही राजपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रकरण के आवेदक कृष्ण नाथ टोप्पो (40 वर्ष), निवासी ग्राम लडुआ, थाना राजपुर ने 06 जनवरी को थाना राजपुर में लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराई। आवेदन में बताया गया कि 04 जनवरी को दोपहर लगभग 12 बजे उनके पड़ोसी एवं रिश्ते के भाई कपिल उरांव (26 वर्ष) ने खेत-बाड़ी में लगे मटर को तोड़कर खाने की बात पर नाराज होकर उनके नाबालिग पुत्र संस्कार टोप्पो (07 वर्ष) के साथ मारपीट की।

रिपोर्ट के अनुसार, आरोपित ने बच्चे को जबरन अपने घर ले जाकर उसके हाथ-पैर रस्सी से बांधे तथा उसे बंधक बनाकर शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। विवेचना के दौरान यह भी सामने आया कि घटना के समय एक अन्य नाबालिग बालक के साथ भी आरोपित ने दुर्व्यवहार किया और दोनों बच्चों के साथ गाली-गलौज करते हुए हाथ-मुक्कों एवं पैरों से मारपीट की।

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना राजपुर में अपराध क्रमांक 03/2026 के तहत आरोपित के विरुद्ध धारा 137(2), 296, 351(2), 115(2), 127(2) एवं 140(3) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान अपराध स्वीकार किए जाने पर आरोपित को बुधवार को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।

राजपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नाबालिग बच्चों के विरुद्ध हिंसा को गंभीर अपराध माना जाता है और ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि बच्चों से जुड़े मामलों में कानून अपने हाथ में न लें तथा किसी भी विवाद की सूचना तत्काल पुलिस को दें।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय