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फतेहाबाद, 08 जनवरी (हि.स.)। वित्तीय संस्थान ठेका कर्मचारी संघ संबंधित भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के मुख्यालय पर कर्मचारियों ने सरकार की दोहरी नीति पर रोष प्रकट करते हुए गुरूवार को सांकेतिक धरना दिया। सिरसा रोड स्थित जिला फतेहबाद केंद्रीय सहकारी बैंक के मुख्यालय पर बैंक में कार्यरत सभी अनुबंधित कर्मचारी इक्कठा हुए और सरकार के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए नारेबाजी की। इसके बाद महाप्रबंधक के माध्यम से अतिरिक्त मुख्य सचिव, सहकारिता विभाग के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व संघ के जिला अध्यक्ष नरेन्द्र बूरा ने किया। धरने में विशेष तौर पर भारतीय मजदूर संघ से विपिन शर्मा ने भाग लिया। धरने पर बैठे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष नरेन्द्र बूरा ने बताया कि सरकार ने सेवा सुरक्षा कानून को लेकर दोहरी नीति अपनाई है। अधिकारी सरकार के इस कानून का लाभ कर्मचारियों को नहीं देना चाहते। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने 1 लाख 20 हजार कर्मचारियों का रोजगार सुरक्षित करने की बात कही थी, कर्मचारी चाहे पार्ट 1 का हो, पार्ट 2 के हो या हरियाणा कौशल रोजगार निगम का, सभी को इस कानून का लाभ देने की घोषणा की गई। कानून के नोटिफिकेशन तथा मुख्य सचिव के पत्र में भी यह साफ लिखा है कि हरियाणा सरकार के सभी विभागों, बोर्ड निगमों, पब्लिक अंडरटेकिंग संस्थाओं आदि में कार्यरत 15 अगस्त 2019 से पहले के सभी कर्मचारियों को इस कानून का लाभ दिया जाएगा। परन्तु बड़े खेद का विषय है कि अभी तक इस कानून का लाभ सहकारी बैंकों में कार्यरत अनुबंधित कर्मचारियों को नहीं दिया गया है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि कानून की प्रस्तावना में होते हुए भी सेवा सुरक्षा का जो पोर्टल सुशासन दिवस पर जारी हुआ है, उसमें बैंकों को शामिल नहीं किया गया है, जो कि गलत है, जिसका वह विरोध करते हैं। उन्होंने मांग की कि सभी सहकारी बैंकों में सेवा सुरक्षा कानून का लाभ दिलाया जाए और पोर्टल के माध्यम से सभी का डाटा सेवा सुरक्षा पोर्टल पर अपलोड किया जाए।
हिन्दुस्थान समाचार / अर्जुन जग्गा