जिला उपभोक्ता आयोग जोधपुर : दावे का भुगतान सवा दो साल बाद किए जाने पर बीमा कंपनी पर हर्जाना
जोधपुर, 16 अगस्त (हि.स.)। कोरोना से डॉक्टर की मृत्यु का पचास लाख रुपए दावे का भुगतान सवा दो साल बाद किए जाने पर बीमा कंपनी को 10 लाख 29 हजार रूपए बतौर ब्याज और 20 हजार रूपए हर्जाना तथा परिवाद व्यय 11 हजार रुपए अदा करने होंगे। जिला उपभोक्ता आयोग जोध
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जोधपुर, 16 अगस्त (हि.स.)। कोरोना से डॉक्टर की मृत्यु का पचास लाख रुपए दावे का भुगतान सवा दो साल बाद किए जाने पर बीमा कंपनी को 10 लाख 29 हजार रूपए बतौर ब्याज और 20 हजार रूपए हर्जाना तथा परिवाद व्यय 11 हजार रुपए अदा करने होंगे। जिला उपभोक्ता आयोग जोधपुर प्रथम के अध्यक्ष राजकुमार सुथार और सदस्य दिलशाद अली ने परिवाद मंजूर करते हुए न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक और चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय के उप महाप्रबंधक को दो माह में इसकी पालना करने का आदेश दिया।

अंजना व्यास ने अधिवक्ता अनिल भंडारी के माध्यम से परिवाद दायर कर कहा कि उनके पति डा मनमोहन व्यास जब रेवाड़ी के एक अस्पताल में कार्यरत थे तभी कोरोना ग्रसित मरीजों का इलाज करते वे एक मई 2021 को कोरोना की चपेट में आ गए और 17 मई को गुरूग्राम के अस्पताल में उनका निधन हो गया। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण पैकेज योजना के तहत न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी ने उनका दावा देरी से कागजात पेश करने पर ख़ारिज कर दिया,जिसे राजस्थान उच्च न्यायालय में चुनौती दिए जाने पर 12 दिसंबर 2023 को रिट याचिका का निस्तारण करते हुए बीमा कंपनी को दो माह में दावा निपटान करने का आदेश दिया। बीमा कम्पनी की ओर से पालना नहीं किए जाने पर अवमानना याचिका के नोटिस जारी होते ही 3 सितंबर 2024 को परिवादी को पचास लाख रुपए का भुगतान कर दिया।

अधिवक्ता अनिल भंडारी ने बहस करते हुए कहा कि इरडा द्वारा अधिसूचित स्वास्थ्य बीमा 2016 में 30 दिन में दावा निपटान करने का आज्ञात्मक प्रावधान है और परिवादी ने सभी कागजात 22 मार्च 2022 तक पेश कर दिए थे,सो बीमा कंपनी ब्याज वास्ते दाई है। बीमा कंपनी की ओर से कहा गया कि हाईकोर्ट ने ब्याज का कोई आदेश नहीं दिया है और भारत सरकार ने न्यू इंडिया को कुल 110 करोड़ रुपए प्रीमियम दिया है सो जिला आयोग में परिवाद पोषणीय नहीं है।

जिला उपभोक्ता आयोग ने परिवाद मंजूर करते हुए बीमा कंपनी पर 20 हजार रुपए हरजाना और 11 हजार रूपए परिवाद व्यय लगाते हुए कहा कि परिवादी को पचास लाख रुपए का भुगतान होने से ब्याज के वास्ते जिला आयोग को परिवाद सुनने का अधिकार है। उन्होंने इरडा द्वारा जारी अधिसूचना के आधार पर न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक और चंडीगढ़ क्षेत्रीय कार्यालय के उप महाप्रबंधक को दो माह में 22 मई 2022 से 3 सितंबर 2024 तक पचास लाख रुपए पर 9 फीसदी ब्याज अदा करने का आदेश दिया।

हिन्दुस्थान समाचार / सतीश