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देहरादून, 20 जुलाई (हि. स.)। धामी सरकार सेना से चार वर्ष की सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए जल्द ही 'अग्निवीर रोजगार सेल' (एआरसी) का गठन करेगी। राज्य सरकार का दावा है कि इस पहल के साथ उत्तराखंड अग्निवीरों को शत-प्रतिशत रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में देश का पहला राज्य बनेगा।
उत्तराखंड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष एवं यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल (सेवानिवृत्त) अजय कोठियाल ने सोमवार को यहां उत्तरांचल प्रेस क्लब में संवाददाताओं से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अनुरूप एआरसी के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जल्द ही इसका शासनादेश जारी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने सेल की संरचना, संचालन और रोजगार की रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है।
उन्होंने कहा कि एआरसी अग्निवीरों की योग्यता, अनुभव और रुचि के अनुरूप उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार के विभिन्न विभागों तथा कॉरपोरेट क्षेत्र में रोजगार से जोड़ेगा। इसके लिए कौशल विकास प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा ताकि उन्हें बाजार की मांग के अनुरूप तैयार किया जा सके।
कर्नल कोठियाल ने बताया कि राज्य सरकार पहले ही अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था कर चुकी है। इसके अतिरिक्त डिजास्टर मैनेजमेंट, पर्यटन, होटल उद्योग, सुरक्षा, लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण, आधारभूत संरचना, कृषि और खेल समेत 50 से अधिक क्षेत्रों की पहचान की गई है, जहां उनके कौशल का उपयोग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एआरसी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में कार्य करेगा।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री धामी ने 17 जुलाई को आयोजित 'युवा अग्निवीर संवाद' कार्यक्रम में अग्निवीर रोजगार सेल गठित करने की घोषणा की थी, जिस पर सरकार ने अमल शुरू कर दिया है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय