Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

देहरादून, 20 जुलाई (हि.स.)। उधमसिंहनगर जिले के खटीमा क्षेत्र में ईसाई धर्म अपनाने वाले कुछ परिवारों का हिंदू धर्म में लौटने का सिलसिला जारी है। ग्राम पंचायत नौगवांनाथ में थारू जनजाति के आठ परिवारों के 47 सदस्यों ने स्वेच्छा से साेमवार काे हिंदू धर्म में वापसी की। इसके साथ ही पिछले चार दिनों में हिंदू धर्म में लौटने वालों की संख्या 153 हो गई है।
ग्राम प्रधान माया चंद ने बताया कि सभी लोगों ने हवन-यज्ञ और वैदिक विधि-विधान के साथ स्वेच्छा से हिंदू धर्म में पुनः आस्था व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम ग्राम पंचायत और भाजपा ग्रामीण मंडल चकरपुर के संयुक्त प्रयासों से आयोजित किया गया।
उन्होंने बताया कि पिछले दिनों कुटरी क्षेत्र में ईसाई धर्म अपना चुके थारू जनजाति के लोगों ने सावन माह के शुरू होते ही हवन-यज्ञ कर हिंदू धर्म में वापसी की थी। ग्राम प्रधान दीपा देवी के नेतृत्व में 70 परिवारों की हिंदू रीति रिवाज के अनुसार पंडित हरीश जोशी और साधु मोहन गिरी ने हिंदू धर्म में वापसी कराई थी। प्रधान ने बताया कि इन थारू जनजाति के लोगों को बहला-फुसलाकर ईसाई बनाया गया था, लेकिन उत्तराखंड सरकार के सख्त धर्मांतरण कानून के बाद इन्होंने अपने धर्म में वापसी कर ली थी।
धर्मांतरण कानून और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश
उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने राज्य में सख्त धर्मांतरण निरोधी कानून लागू किया है, जिसमें दस साल की सजा और एक करोड़ से अधिक जुर्माने का प्रावधान है, साथ ही सुप्रीम कोर्ट का भी ये निर्देश है कि धर्म बदलने वाले जनजाति समाज के लोगों को सरकारी सुविधाएं,नौकरियों में आरक्षण जैसी लाभों से वंचित किया जाएगा।
इसी क्रम में उधमसिंहनगर प्रशासन ने धर्मांतरण करवाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजा और धर्म परिवर्तन करने वाले थारू बुक्सा जनजाति समाज के लोगों के जनजाति प्रमाण पत्र रद्द करने के कारवाई तेज़ की। जिसके बाद से थारू राणा बुक्सा जनजाति समाज के लोग ईसाई धर्म से घर वापसी करते हुए पुनः सनातन धर्म में आस्था रखने के लिए आगे आए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल