30 साल पुराने राजस्व दावे को एक साल में निस्तारित करें एसडीओ- हाईकोर्ट
जयपुर, 14 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने चाकसू के ग्राम बरखेडा स्थित जमीन से जुडे मामले में स्थानीय एसडीओ को निर्देश दिया है कि वह 30 साल पुराने रेवेन्यू दावे को सभी पक्षों को सुनवाई का मौका देते हुए विधिनुसार जल्द से जल्द एक साल में निस्तारित
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जयपुर, 14 जुलाई (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने चाकसू के ग्राम बरखेडा स्थित जमीन से जुडे मामले में स्थानीय एसडीओ को निर्देश दिया है कि वह 30 साल पुराने रेवेन्यू दावे को सभी पक्षों को सुनवाई का मौका देते हुए विधिनुसार जल्द से जल्द एक साल में निस्तारित करें। अदालत ने कहा कि मौजूदा मामले के तथ्यों को देखते हुए सामने आया है कि दावा 30 साल से लंबित है, इसमें कार्रवाई पर कोई रोक भी नहीं है। ऐसे में दावे का जल्द निस्तारण किया जाए।

जस्टिस आनंद शर्मा ने यह आदेश मांगीलाल की याचिका पर दिया। याचिका में कहा कि राजस्व दावा संख्या 85 साल 1996 से एसडीओ, चाकसू के यहां लंबित है, लेकिन दावे में आज तक कोई निर्णय नहीं हुआ। इससे याचिकाकर्ता को गंभीर नुकसान होने के साथ ही वह न्याय से भी वंचित है। इसलिए एसडीओ को निर्देश दिए जाए कि दावे में जल्द सुनवाई कर निस्तारण करें। इस मामले में जमीन का विवाद साल 1965 का था, लेकिन तहसीलदार ने संबंधित पक्षकारों के खिलाफ 30 साल की देरी से राजस्व दावा किया था। मामले से जुडे अधिवक्ता विकास सोमानी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने रामकरण के वारिसान व अन्य बनाम राजस्थान राज्य के अन्य समान मामले में स्पष्ट कहा है कि यदि कार्यवाही के लिए विधि में कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं है, तब भी सक्षम प्राधिकारी को अपनी शक्ति का प्रयोग उचित अवधि में ही करना होगा। इस मामले में करीब 31 वर्ष की देरी के बाद शुरू की गई कार्यवाही को सुप्रीम कोर्ट ने अवधि पार मानकर निरस्त किया था। मौजूदा मामले में भी अत्यधिक देरी से की कार्रवाई निरस्त योग्य है।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारीक