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पश्चिमी सिंहभूम, 14 जुलाई (हि.स.)। जिले के जेटेया थाना क्षेत्र से जुड़े वर्ष 2017 के अवैध हथियार और प्रतिबंधित माओवादी संगठन से संबंध रखने के मामले में मंगलवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शाकिर की अदालत ने अभियुक्त बीमा पुरती को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन के अनुसार, 13 अक्टूबर 2017 को जेटेया थाना में बीमा पुरती के विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
मामले के अनुसार, 12 अक्टूबर 2017 की शाम काे पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध व्यक्ति हतनाबेड़ा-हेस्सापी रोड पर मौजूद है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने छापेमारी की। पुलिस को देखते ही बीमा पुरती भागने लगा, लेकिन जवानों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसकी पैंट की दाहिनी जेब से 7.62 एसएलआर के 15 जिंदा कारतूस बरामद किया गया। पूछताछ के दौरान वह कारतूस रखने का कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
जांच के दौरान चाईबासा पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा और वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद 14 जुलाई 2026 को अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर बीमा पुरती को आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-ए) के तहत दोषी ठहराते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक