Enter your Email Address to subscribe to our newsletters


सीतापुर, 05 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जनपद सीतापुर के मिश्रिख कोतवाली क्षेत्र के नगर इलाके स्थित मोहल्ला थोक में शुक्रवार दोपहर धर्मांतरण गतिविधियों की सूचना पर पुलिस ने छापेमारी कर जांच शुरू कर दी। हिंदू शेर सेना संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा दी गई सूचना के बाद पुलिस टीम आज मौके पर पहुंची, जहां एक मकान में प्रार्थना सभा आयोजित होती मिली। कार्रवाई के दौरान वहां करीब 20 से 25 महिला एवं पुरुष मौजूद पाए गए।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सभा का संचालन करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम सुरेंद्र पुत्र शंकर सिंह निवासी बारीवाल, अमाना बिहार बताया है। वह पिछले लगभग दस वर्षों से मिश्रिख क्षेत्र में रह रहा था। पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू कर उनके बयान दर्ज किए हैं। स्थानीय लोगों एवं हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सुरेंद्र गरीब, बीमार एवं जरूरतमंद लोगों को बीमारी से राहत दिलाने का भरोसा देकर अपने संपर्क में लाता था तथा उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करता था। हालांकि पुलिस ने अभी तक इन आरोपों की पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है।
मकान मालिक महेंद्र यादव की पत्नी ने बताया कि उन्होंने कई बार किरायेदार से मकान खाली करने को कहा था, लेकिन वह मकान छोड़ने को तैयार नहीं था। उनका कहना है कि पहले यहां सीमित संख्या में लोग आते थे, लेकिन पिछले कुछ समय से प्रार्थना सभा में शामिल होने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही थी। प्रभारी निरीक्षक प्रदीप सिंह ने बताया कि सभा में शामिल लोगों में मिश्रिख नगर के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी मौजूद थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी तथ्यों एवं साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। छापेमारी के दौरान क्षेत्राधिकारी मिश्रिख ब्रजेश कुमार, प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार सिंह, कस्बा इंचार्ज गुड्डू जोशी, क्राइम इंस्पेक्टर श्याम दास सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
जिलेभर में फैला है ईसाई मिशनरी का जाल
मिश्रित क्षेत्र में हुई ईसाई मिशनरियों की गतिविधियों के बाद बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि आखिर धर्मांतरण के पीछे कौन लोग हैं जो पूरे जिले में योजनाबद्ध तरीके से अपने पैर पसार रहे हैं जानकारी हो कि इससे पूर्व हरगांव, सिधौली महमूदाबाद एवं मछरेहटा क़स्बे में भी धर्मांतरण की घटनाएं उजागर हुई थी घटना के बाद भी कुछ लोगों को जेल भी भेजा गया था परंतु उसके बाद इनकी गतिविधियों को नजरअंदाज किया जाता रहा
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / Mahesh Sharma