Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

- महासचिव चम्पत राय ने दिया सन्देश
-एक पेड़ राम के नाम- हरियाली बने देश की शान भी हुआ आयोजित
अयोध्या, 05 जून (हि.स.)। विश्व पर्यावरण दिवस पर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय ने शुक्रवार को सायंकाल तीर्थक्षेत्रपुरम परिसर में कोविदार पौध का रोपण कर संरक्षण पर बल दिया।
इस अवसर पर मंदिर व्यवस्था प्रमुख रामशंकर उर्फ़ टिन्नू, क्षेत्रीय वन अधिकारी अरुण कुमार मौर्य, भोलेन्द्र, मुकेश, धर्मेश आदि उपस्थित रहे|
इसके पूर्व इसी परिसर में युवा टोली द्वारा ने भी पौधरोपण किया। पर्यावरण संरक्षण, हरितिमा संवर्धन एवं भावी पीढ़ी के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण के उद्देश्य से आयोजित इस अभियान में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े गणमान्य जनों एवं युवाओं ने सहभागिता कर प्रकृति संरक्षण का संकल्प लिया।
प्रातः काल हुए पौधरोपण में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि आलोक सिंह रोहित ने कहा कि आज पर्यावरण संरक्षण समय की अनिवार्यता बन गया है। वृक्ष मानव जीवन के आधार हैं और उनके बिना स्वास्थ्य एवं संतुलित जीवन की कल्पना संभव नहीं है। “एक पेड़ राम के नाम” अभियान भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों एवं पर्यावरणीय चेतना का सुंदर समन्वय है। यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधा लगाकर संरक्षण का संकल्प ले, तो देश को हरित और समृद्ध बनाने का लक्ष्य सहज प्राप्त किया जा सकता है।
वरिष्ठ प्रचारक भोलेन्द्र ने कहा कि भारतीय संस्कृति ने सदैव प्रकृति को माता के रूप में सम्मान दिया है। हमारे धर्मग्रंथों और परंपराओं में वृक्ष, वन, नदियाँ और पर्वत जीवन के अभिन्न अंग माने गए हैं। भगवान श्रीराम का जीवन प्रकृति के साथ सामंजस्य, संरक्षण और संवेदनशीलता का आदर्श प्रस्तुत करता है। इसलिए पौधरोपण सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक उत्तरदायित्व भी है। उन्होंने उपस्थित युवाओं से अधिकाधिक पौध लगाने तथा उनके संरक्षण के लिए समाज को प्रेरित करने का आह्वान किया।
विश्व हिंदू परिषद लखनऊ क्षेत्र के क्षेत्र सामाजिक समरसता प्रमुख मुकेश ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण सामाजिक समरसता और जनभागीदारी का विषय है। जब समाज के सभी वर्ग मिलकर प्रकृति संरक्षण का कार्य करते हैं, तब उसका सकारात्मक प्रभाव संपूर्ण समाज पर पड़ता है। उन्होंने पौधरोपण को जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
कारसेवक पुरम के लेखाकार वीरेन्द्र ने कहा कि श्रीराम की पावन जन्मभूमि पर पौधरोपण का यह अभियान सेवा, संस्कार और संरक्षण की भावना को सुदृढ़ करने वाला है। प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता ही सतत विकास की आधारशिला है और युवाओं की सक्रिय भागीदारी इस दिशा में आशाजनक संकेत है।
कार्यक्रम संयोजक धर्मेश ने सभी अतिथियों, कार्यकर्ताओं एवं युवाओं का स्वागत करते हुए कहा कि यह अभियान दिवस तक सीमित न रहकर जनजागरण का माध्यम बने, यही इसकी वास्तविक सफलता होगी।
इस अवसर पर आमोद, रजनीश शर्मा, वैभव चतुर्वेदी, मृत्युंजय, आनंद चौधरी, आशुतोष यादव, सूरज वर्मा, सत्य साईं हॉस्पिटल के वैभव, एकल अभियान प्रमुख राहुल सिंह, शैलेन्द्र, मयंक सहित अनेक युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण एवं अधिकाधिक पौधरोपण का संकल्प लिया। सभी ने इस बात पर बल दिया कि पौधा लगाना जितना आवश्यक है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण उनका संरक्षण और संवर्धन कर वृक्ष बनाना है। आज जब विश्व जलवायु परिवर्तन जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, तब ऐसे अभियान समाज में सकारात्मक चेतना का संचार करते हैं और लोगों को प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों का स्मरण कराते हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / पवन पाण्डेय