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सुपौल, 11 जून (हि.स.)। प्रखंड क्षेत्र के सरायगढ़ पंचायत भवन तथा लौकहा पंचायत के बैसा गांव स्थित पैक्स गोदाम परिसर में गुरुवार को शारदीय खरीफ महाअभियान 2026 के तहत कृषि जन कल्याण चौपाल का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में किसानों को मिट्टी संरक्षण, रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग और प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक किया गया। सरायगढ़ पंचायत भवन में आयोजित चौपाल में कृषि समन्वयक अनुज कुमार, एटीएम विद्या सुमन और किसान सलाहकार अरविंद कुमार ने किसानों से खेतों में रासायनिक खाद का कम से कम प्रयोग करने की अपील की। उन्होंने बताया कि लगातार केमिकल खाद के उपयोग से मिट्टी की उर्वरा शक्ति घट रही है, जिससे उत्पादन भी प्रभावित हो रहा है।
अधिकारियों ने किसानों को वर्मी कंपोस्ट खाद के उपयोग, ऑर्गेनिक खेती और प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाने की सलाह दी। साथ ही खेतों में मूंग और ढैंचा जैसी फसलों को सड़ाकर प्राकृतिक रूप से मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के तरीकों की जानकारी दी गई। उनका कहना था कि इससे रासायनिक खाद पर निर्भरता कम होगी और फसल उत्पादन में भी सुधार आएगा।
कार्यक्रम में पूर्व मुखिया जगदेव पंडित, किसान सलाहकार अरविंद कुमार, विजेंद्र गुप्ता, श्याम कुमार भारती, रामेश्वर मंडल, सीताराम मंडल, लक्ष्मण यादव, राजेश कुमार, मुंशी सरदार, विनोद राम, जीवछ राम, देवकांत राम सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
लौकहा पंचायत के बैसा गांव स्थित पैक्स गोदाम परिसर में आयोजित कृषि जन कल्याण चौपाल में कृषि कोऑर्डिनेटर विवेकानंद कुमार, एटीएम भगवत प्रसाद यादव और किसान सलाहकार चंदन सिंह ने किसानों को खेत बचाओ अभियान के तहत रासायनिक उर्वरकों के दुष्प्रभावों से अवगत कराया। उन्होंने प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसानों ने भाग लेकर कृषि संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र