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सुपौल, 11 जून (हि.स.)। जिले के कटैया-निर्मली स्थित पिपरा प्रखंड कृषि कार्यालय में गुरुवार को प्रखंड स्तरीय खरीफ कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता प्रखंड कृषि पदाधिकारी सतीश चन्द्रा ने की। इस दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, रासायनिक उर्वरकों के संतुलित उपयोग और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने की जानकारी दी गई।
कार्यशाला में पूर्व जिला कृषि पदाधिकारी सह बीएफएसी सदस्य प्रवीण कुमार ने 'खेत बचाओ अभियान' के तहत किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बनाए रखने और खेती की लागत कम करने के लिए रासायनिक खाद का अंधाधुंध उपयोग रोकना जरूरी है।
उन्होंने किसानों को जैविक खाद और कम रसायन आधारित खेती की तकनीकों को अपनाने की सलाह दी।अनुमंडल कृषि पदाधिकारी राम कृष्ण ने खरीफ फसलों से संबंधित विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसान धान, मक्का समेत अन्य खरीफ फसलों के लिए उपलब्ध अनुदान योजनाओं का लाभ लेकर उत्पादन बढ़ा सकते हैं। साथ ही रासायनिक उर्वरकों के संतुलित एवं आवश्यकतानुसार उपयोग की भी सलाह दी गई।
कार्यशाला में मौजूद अधिकारियों ने किसानों से आधुनिक तकनीकों के साथ प्राकृतिक खेती की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया, ताकि उत्पादन लागत कम हो और आय में वृद्धि हो सके। कार्यक्रम में कृषि समन्वयक मनोज कुमार, विजय कुमार, कुमोदवर कुमार, रमेश कुमार यादव, किसान सलाहकार अमित कुमार, रतन चौहान, माधव कुमार, शंभू कुमार यादव, अरबिंद कुमार, बीएफएसी अध्यक्ष जगदीश मंडल तथा किसान रमेश मेहता, रंजीत राजा सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र