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बांदा, 11 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज, बांदा के चिकित्सकों ने एक अत्यंत जटिल और चुनौतीपूर्ण सर्जरी को सफलतापूर्वक कर मरीज की जान बचाई। दुर्घटना में मरीज के शरीर के कई महत्वपूर्ण अंग गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गए थे।
बबेरू थाना क्षेत्र के भदेदू गांव निवासी 49 वर्षीय कल्लू प्रजापति मजदूरी का कार्य करते हैं। 2 जून को वह गांव में एक स्थान पर हैंड आरा मशीन से पेड़ काटने गए थे। इसी दौरान पेड़ की एक बड़ी डाल उनके ऊपर गिर गई, जिससे वह मशीन सहित नीचे गिर पड़े। गिरते समय आरा मशीन का ब्लेड उनके सीने और पेट में गहराई तक धंस गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना में मरीज का सीना फट गया, तीन पसलियां कट गईं, चेस्ट कैविटी खुल गई, खाने की नली (फूड पाइप) दो स्थानों से कट गई, तिल्ली (स्प्लीन) क्षतिग्रस्त हो गई, बड़ी आंत कट गई, पेट के अंगों को ढंकने वाली ओमेंटम झिल्ली तथा बायां डायाफ्राम भी कट गया। इतनी गंभीर चोटों के कारण मरीज की हालत बेहद नाजुक थी।
घटना के बाद परिजन तत्काल उन्हें रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां वरिष्ठ सर्जन डॉ. आर.सी. अरुण और उनकी टीम ने बिना समय गंवाए ऑपरेशन शुरू किया। लगभग तीन से चार घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने क्षतिग्रस्त अंगों की मरम्मत कर मरीज की जान बचा ली।
मरीज पिछले आठ दिनों से मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती है और अब उसकी स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है। बुधवार को जब मरीज खाने-पीने की स्थिति में पहुंचा, तब डॉ. आर.सी. अरुण ने इस सफल ऑपरेशन की जानकारी साझा की।
डॉ. अरुण ने बताया कि वह पिछले 17-18 वर्षों से बांदा जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में सर्जरी कर रहे हैं, लेकिन अपने पूरे कार्यकाल में उन्होंने इतनी जटिल और गंभीर सर्जरी पहले कभी नहीं की। उनके अनुसार यह बाँदा में अब तक की सबसे बड़ी और सफल सर्जरी है। उन्होंने कहा कि यदि यही ऑपरेशन किसी निजी अस्पताल में कराया जाता, तो मरीज को लाखों रुपये खर्च करने पड़ते, जबकि मेडिकल कॉलेज में यह उपचार सरकारी शुल्क पर ही संभव हो सका।
मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. एस.के. कौशल ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी बड़ी और जटिल सर्जरी न केवल बांदा बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी दुर्लभ है। यह मेडिकल कॉलेज और पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने डॉ. आर.सी. अरुण एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी। इस सफल ऑपरेशन में सर्जरी विभाग से डॉ. आर.सी. अरुण, डॉ. तन्मय अग्रवाल (एसआर), डॉ. यशराज छिल्लर (जेआर-2), डॉ. पुष्पम (जेआर) तथा एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. पंकज, डॉ. विनीत (जेआर-2), डॉ. अजीत (जेआर-2) सहित पैरामेडिकल एवं ओटी स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह