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वाराणसी,31 मई (हि.स.)। लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 301वीं जयंती पर रविवार को गुरूधाम स्थित पुरातत्व विभाग परिसर में रखी प्रतिमा स्थल पर माल्यार्पण करने निकल रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने मैदागिन क्षेत्र में ही रोक दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सड़क पर ही लोकमाता को श्रद्धांजलि अर्पित कर आक्रोश जताया।
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत कांग्रेस कार्यकर्ता मैदागिन स्थित राजीव भवन (कांग्रेस कार्यालय) से रवींद्रपुरी गुरुधाम स्थित पुरातत्व विभाग परिसर में रखी लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पूजन-अर्चन के लिए रवाना होने वाले थे। लेकिन कार्यकर्ताओं के निकलने से पहले ही पुलिस प्रशासन ने कांग्रेस कार्यालय के आसपास भारी पुलिस बल तैनात कर बैरिकेडिंग कर दी और उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि उनका कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण और श्रद्धा आधारित था, इसके बावजूद प्रशासन ने उन्हें प्रतिमा स्थल तक जाने की अनुमति नहीं दी।
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कार्यकर्ताओं ने सड़क पर ही लोकमाता को श्रद्धांजलि अर्पित की। माल्यार्पण और पूजन के लिए लाई गई माला, पुष्प एवं अन्य पूजन सामग्री कांग्रेसजनों ने एसीपी कोतवाली को सौंपते हुए आग्रह किया कि प्रशासन की ओर से किसी प्रतिनिधि को प्रतिमा स्थल भेजकर लोकमाता का पूजन-अर्चन कराया जाए।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने बताया कि कांग्रेस का उद्देश्य केवल लोकमाता की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि देना था, लेकिन प्रशासन ने एक लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण कार्यक्रम को रोक दिया। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होलकर ने काशी की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के संरक्षण में ऐतिहासिक योगदान दिया था और उनका सम्मान करना प्रत्येक काशीवासी का दायित्व है। उल्लेखनीय है कि मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण कार्य के दौरान लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की प्रतिमा को वहां से हटाकर पुरातत्व विभाग परिसर में सुरक्षित रखा गया है।
इससे पूर्व राजीव भवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा एवं विचार गोष्ठी में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने लोकमाता अहिल्याबाई होलकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। वक्ताओं ने उनके न्यायप्रिय शासन, लोककल्याणकारी कार्यों तथा भारतीय संस्कृति और धार्मिक धरोहरों के संरक्षण में दिए गए योगदान को स्मरण किया। काशी विश्वनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण, विभिन्न घाटों, मंदिरों, धर्मशालाओं तथा जनोपयोगी निर्माण कार्यों में उनकी भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम में प्रवीण प्रकाश, सतनाम सिंह, सुनील श्रीवास्तव, राजू राम, गिरीश पांडेय, वकील अंसारी, चंचल शर्मा, अशोक सिंह, संतोष चौरसिया, हसन मेहदी कब्बन, राजेश त्रिपाठी, अखिलेश पांडेय, आशीष केशरी, राजेश प्रजापति, मिथुन सरकार, अफसर खान, सुशील पांडेय, आशुतोष और मो. उज्जैर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी