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सुपौल, 31 मई (हि.स.)। आगामी बाढ़ 2026 को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में रविवार को किशनपुर प्रखंड अंतर्गत कोशी तटबंध के भीतर स्थित दुबियाही एवं मौजहा पंचायत का एसडीएम मनोहर कुमार साहु और एसडीपीओ ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया । निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बाढ़ और कटाव से प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया तथा स्थानीय लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बाढ़ के दौरान किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय रहते पूरी की जाएंगी।
निरीक्षण दल में अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) मनोहर साहु, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) सुपौल, प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) किशनपुर, संबंधित तटबंध के पदाधिकारी, अभियंता, पंचायत प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे। अधिकारियों ने तटबंध के भीतर बसे गांवों की भौगोलिक स्थिति, संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों और कटाव की गंभीरता का आकलन किया।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने दुबियाही और मौजहा पंचायत के उन इलाकों का विशेष रूप से दौरा किया जहां कोशी नदी के कटाव का खतरा बना हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि हर वर्ष बाढ़ और कटाव के कारण उनकी कृषि भूमि और आवासीय क्षेत्र प्रभावित होते हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
ग्रामीणों ने कटाव निरोधी कार्यों को शीघ्र शुरू करने और प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि सरकार की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कटाव प्रभावित परिवारों को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही जिन परिवारों के विस्थापन की संभावना है, उनके पुनर्स्थापन की प्रक्रिया भी प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएगी।
अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने कटाव प्रभावित स्थलों पर मौजूद अभियंताओं को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि जहां कटाव की आशंका अधिक है, वहां तत्काल प्रभाव से सुरक्षा एवं बचाव कार्य शुरू किए जाएं।
कटाव रोकने के लिए आवश्यक सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने, संवेदनशील स्थलों की नियमित निगरानी करने तथा आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कार्ययोजना तैयार रखने का निर्देश दिया गया। एसडीएम ने कहा कि बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा लगातार की जा रही है और सरकार की मंशा है कि तटबंध के भीतर रहने वाले लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
उन्होंने बताया कि प्रशासन बाढ़ संभावित क्षेत्रों की सूची तैयार कर रहा है तथा राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था की जा रही है। नाव, राहत सामग्री, चिकित्सा सुविधाएं तथा सुरक्षित शरण स्थलों की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों से अपील की कि वे बाढ़ के समय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी आपात स्थिति की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
अधिकारियों ने कहा कि जनसहभागिता से ही आपदा प्रबंधन को प्रभावी बनाया जा सकता है। स्थानीय मुखिया ने प्रशासन द्वारा किए जा रहे निरीक्षण और तैयारियों की सराहना करते हुए कहा कि समय रहते किए गए ऐसे प्रयासों से लोगों का भरोसा बढ़ता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि कटाव निरोधी कार्यों को जल्द पूरा कर लिया जाएगा, जिससे बाढ़ के दौरान होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
कोशी क्षेत्र हमेशा से बाढ़ और कटाव की चुनौती का सामना करता रहा है। ऐसे में मानसून शुरू होने से पहले प्रशासन द्वारा संवेदनशील पंचायतों का निरीक्षण और तैयारियों की समीक्षा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दुबियाही और मौजहा पंचायत में किए गए इस निरीक्षण से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि जिला प्रशासन बाढ़ 2026 को लेकर पूरी तरह सतर्क है और संभावित आपदा से लोगों की सुरक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाया जा रहा है।
प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में भी तटबंध के भीतर और बाढ़ संभावित अन्य क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण किया जाएगा, ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके और लोगों के जान-माल की सुरक्षा की जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र