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फतेहपुर, 29 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में शुक्रवार बीती रात आंधी व बरसात से असोथर गेहूं क्रय केंद्र परिसर में जलभराव होने से तौल के इंतजार में रखा किसानों का हजारों क्विटंल गेहूं बारिश में भीग गया। खरीदे गए गेहूं के बोरे भी पानी और बारिश में भींग गया। किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा।
क्षेत्र के किसान अनिल, विमल, किशोर और प्रेमलता जायसवाल समेत कई किसानों ने आरोप लगाया कि क्रय केंद्र प्रभारी शेखर मौर्य की लापरवाही और मनमानी के चलते समय पर गेहूं की तौल नहीं की गई। किसानों का कहना है कि यदि समय रहते खरीद प्रक्रिया पूरी कर ली जाती तो उनका गेहूं बारिश से बच सकता था।
बारिश शुरू होते ही किसान अपने-अपने गेहूं को बचाने के लिए जुटे रहे। किसी ने तिरपाल डालकर अनाज को ढकने का प्रयास किया तो किसी ने बोरे सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की कोशिश की। इसके बावजूद बड़ी मात्रा में गेहूं भीग गया।
किसानों का आरोप है कि क्रय केंद्र में न तो पर्याप्त तिरपाल की व्यवस्था थी और न ही जल निकासी की कोई समुचित व्यवस्था की गई थी।
बारिश के बाद किसानों में भारी आक्रोश देखा गया। किसानों ने प्रशासन से भीगे गेहूं का सर्वे कराकर नुकसान का आकलन कराने, उचित मुआवजा दिलाने तथा लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
एसएमआई शेखर मौर्य ने बताया कि अचानक हुई तेज बारिश के कारण गेहूं भीग गया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों द्वारा गेहूं को सुरक्षित करने का प्रयास किया गया है। भीगे हुए गेहूं का आंकलन कराया जा रहा है और उच्चाधिकारियों को भी मामले से अवगत करा दिया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / देवेन्द्र कुमार