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मुंबई, 26 मई (हि.स.)। महाराष्ट्र में चिलचिलाती धूप से लोगों का बुरा हाल है। लोगों को बारिश का इंतजार है। लेकिन मानसून के सफर में खलल पड़ गई है। मानसून अंडमान-निकोबार आइलैंड्स में ठहर गया है। जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम में आए इस बदलाव को लेकर मौसम वैज्ञानिक भी हैरान हैं और एगले चार दिनों में मानसून के आगे बढ़ने की संभवना जताई गई है।
अंडमान और निकोबार आइलैंड्स में उसका प्रवाह रुक गया है। केरल में सामान्य तौर पर 1 जून को मानसून दाखिल होता है। इस साल छह दिन पहले मानसून के केरल में पहुंचने की संभावना थी। लेकिन उसकी रफ्तार धीमी पड़ गई है। मानसून के 26 मई को केरल में दाखिल होने का अनुमान था। यदि उसकी रफ्तार बनी रहती तो 6 जून को कोकण और 10 जून को मुंबई में बारिश होने की संभवना थी। मौसम वैज्ञानिक मानसून की आगे की चाल और मूवमेंट पर नजर रख रहे हैं। मौसम वैज्ञानिक एस डी सनप के अनुसार अब उम्मीद है कि अगले चार दिनों में मानसून केरल में दाखिल होगा। मौसम विभाग ने अनुमान लगाया है कि इस साल औसतन बारिश 92 प्रतिशत होगी। इस बीच मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में हीटवेव की संभावना व्यक्त की है। विदर्भ के कई जिलों में अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। मुंबई में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आस-पास दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार विदर्भ के कुछ जिलों में हीट वेव चलने की संभावना है। अनुमान लगाया गया है कि 26 से 27 मई 2026 के बीच कुछ हिस्सों में रातें भी गर्म रहेंगी। इसे देखते लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई है।
लोगों को खूब पानी पीने, बाहर जाते समय छाता, टोपी या गीले कपड़े का इस्तेमाल, हो सके तो दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। कमज़ोरी, चक्कर आना, सिरदर्द और ज़्यादा पसीना आने जैसे लक्षण महसूस होते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की गई है। गर्भवती महिलाओं, बुज़ुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को खास ध्यान रखने और मवेशियों को छांव में रखने का सुझाव दिया गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / वी कुमार