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किशनगंज, 26 मई (हि.स.)। जिले के ठाकुरगंज प्रखंड अंतर्गत तातपौआ पंचायत से सरकारी लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां जमातून निशा नामक एक बुजुर्ग महिला को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया, जबकि वह पूरी तरह जीवित हैं। इस गलती के कारण पिछले 11 महीनों से उनकी वृद्धा पेंशन बंद है और वह अपनी पेंशन चालू करवाने के लिए लगातार प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
परिजनों ने बताया कि पेंशन बंद होने के बाद जब इसकी जानकारी ली गई तो पता चला कि सरकारी दस्तावेजों में महिला को मृत दिखा दिया गया है। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में प्रशासनिक कार्य प्रणाली और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि बिना सही जांच-पड़ताल के किसी जीवित व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया जा सकता है, तो सरकारी व्यवस्था पर आम लोगों का भरोसा कैसे कायम रहेगा।
मामले को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी नाराजगी जताई है। मंगलवार को मुखिया प्रतिनिधि रासमुद्दीन फैज ने बताया कि लगभग चार माह पूर्व वह पीड़ित महिला को लेकर बीडीओ कार्यालय गए थे और पूरे मामले की जानकारी अधिकारियों को दी थी। उस समय प्रखंड विकास पदाधिकारी ने जल्द सुधार का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हो सका।
उन्होंने इसे जांच कर्मियों की गंभीर लापरवाही बताया। वहीं पंचायत के वार्ड सदस्य प्रतिनिधि बिदेश राय ने कहा कि यदि किसी जिंदा महिला को रिकॉर्ड में मृत दिखाया गया है, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था की बड़ी चूक है। ऐसे लापरवाह कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पीड़ित महिला ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई तथा जल्द से जल्द पेंशन बहाल करने की मांग की है। इधर इस संबंध में जानकारी लेने के लिए ठाकुरगंज प्रखंड विकास पदाधिकारी अहमर अब्दाली से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह