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—घाट का मेंटनेंस करने वाली कंपनी या एजेंसी के ऊपर उच्च स्तरीय जांच कराकर उसको ब्लैक लिस्टेड करने,आरोपित बाउंसर के खिलाफ कड़ी कार्रवाही के निर्देश
वाराणसी, 25 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार में स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल ने नमो घाट पर पर्यटकों के साथ मारपीट और एक किशोर पर्यटक की मौत की घटना को गंभीरता से लेते हुए सख्त रुख अपनाया है। सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद मंत्री ने घटना पर गहरी नाराजगी जताई और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए।
सोमवार अपराह्न मंत्री ने अध्यक्ष/मंडलायुक्त, वाराणसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड को पत्र लिखकर घटना को “अत्यंत दुःखद एवं गंभीर” बताया। उन्होंने कहा कि यह घटना न केवल मानवता को शर्मसार करने वाली है, बल्कि धार्मिक नगरी वाराणसी की गरिमा और श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। तीर्थयात्रियों और आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित एजेंसियों एवं प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि जानकारी मिली है कि स्मार्ट सिटी द्वारा घाट के मेंटेनेंस के लिए नियुक्त एजेंसी/कंपनी के कर्मचारी तीर्थयात्रियों और दर्शनार्थियों के साथ अभद्रता, गाली-गलौज और मारपीट करते हैं तथा घाट को धन उगाही का अड्डा बना दिया गया है। उन्होंने संबंधित एजेंसी या कंपनी के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच कराने और दोषी पाए जाने पर उसे ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही मंत्री ने आरोपित गार्ड/बाउंसर के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर न्यायोचित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने मृतक किशोर पर्यटक के परिजनों को मानवीय संवेदना के आधार पर तत्काल पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी