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मुंबई, 21 मई (हि.स.)। मुंबई में स्थित लोकभवन में राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने भटके विमुक्त विकास परिषद के संस्थापक अध्यक्ष और समरसता मंच के दीर्घकालीन कार्याध्यक्ष रहे पद्मश्री भिकू (दादा) इदाते की अंग्रेज़ी में अनूदित पुस्तक ‘पिलग्रिम ऑफ समरसता’ का लोकार्पण किया। यह जानकारी लोकभवन ने दी।
नीलिमा देशपांडे की दादा इदाते के जीवनकार्य पर लिखी गई मराठी पुस्तक ‘समरसतेचा वारकरी’ का यह पुस्तक अंग्रेज़ी अनुवाद है, जिसका अनुवाद ऋतुराज पत्की ने किया है। इसकी प्रस्तावना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ मोहन भागवत ने लिखी है। इस अवसर पर राज्यपाल ने उद्योगपति और ‘पितांबरी’ समूह के प्रबंध निदेशक डॉ. रवींद्र प्रभू देसाई की ‘आधुनिक शेतीचे मॉडेल’ तथा ‘आपलं कोकण’ पुस्तकों का भी लोकार्पण किया।
राज्यपाल ने कहा कि भिकू इदाते की पुस्तक के माध्यम से पाठकों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के समरसता आंदोलन की जानकारी प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस युग में भी पुस्तकों का महत्व कायम है। हाथ में पुस्तक लेकर पढऩे का अनुभव अद्भुत होता है। नई पीढ़ी पुस्तकें नहीं पढ़ती, यह धारणा गलत है। उनके अनुसार नई पीढ़ी ने केवल पढऩे का माध्यम बदला है। उन्होंने जन्मदिन तथा विवाह जैसे अवसरों पर पुस्तकें उपहार में देने की परंपरा शुरू करने की आग्रह किया।
लेखक भिकू इदाते ने अपने प्रस्तावना में समरसता मंच की स्थापना, उसके माध्यम से चलाए गए विभिन्न आंदोलन, फुले-आंबेडकर संदेश यात्रा तथा विमुक्त एवं भटके समाज की स्थिति आदि विषयों पर विस्तार से विचार व्यक्त किए। ‘पितांबरी’ समूह के रवींद्र प्रभू देसाई ने अपनी पुस्तकों ‘आधुनिक शेतीचे मॉडेल’ तथा ‘आपलं कोकण’ के विषय में जानकारी दी।
पुस्तक लोकार्पण समारोह में हिंदुस्तान प्रकाशन संस्था एवं साप्ताहिक ‘विवेक’ के मार्गदर्शक पद्मश्री रमेश पतंगे सहित साप्ताहिक ‘विवेक’ तथा पितांबरी उद्योग समूह के पदाधिकारी उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजबहादुर यादव