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जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक में विकास कार्यों की प्रगति की व्यापक समीक्षा
भोपाल, 09 जनवरी (हि.स.)। उप मुख्यमंत्री एवं शहडोल जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में शुक्रवार काे जिला विकास सलाहकार समिति की बैठक कलेक्ट्रेट शहडोल के विराट सभागार में आयोजित हुई। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जिले में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों की बिंदुवार समीक्षा की।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शहडोल नगर, मेडिकल कॉलेज एवं नगरीय निकाय में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति हेतु 27 करोड़ रूपए की लागत से सोन नदी में बनाए जाने वाले एनीकट बैराज के प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसा प्रयास किया जाए कि इसी वर्ष गर्मी में योजना के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति की जा सके। बैठक में बताया गया कि एनीकट बैराज निर्माण का टेंडर इसी माह जारी कर दिया जाएगा। शहडोल नगर में सीवरेज लाइन के कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि मार्च माह तक काम पूरा कर लिया जाए। सीवरेज लाइन का विस्तार पतली गलियों में भी किया जाए। सीवरेज लाइन से शहर की जो रोड क्षतिग्रस्त हुई हैं उनका रेस्टोरेशन भी कराया जाए। कार्य पूरा हो जाने पर नगरवासियों को डेमोंस्ट्रेशन के माध्यम से दिखाया जाएगा कि किस तरह से शहर का गंदा पानी फिल्टर कर शहर को गंदगी एवं बीमारियों से बचाने का कार्य किया गया है। बैठक में बताया गया कि परियोजना की लागत 170 करोड़ रूपए है तथा नेटवर्क 213 किलोमीटर का है अभी तक 140 किलोमीटर में कार्य कर लिया गया है।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जिले में खनिजो के अवैध उत्खनन एवं परिवहन प्रतिबंधित किया जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने जयसिंहनगर में बाईपास एवं ब्यौहारी में रिंग रोड, शहडोल से उमरिया मार्ग, टेटका से शहडोल मार्ग के प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रस्ताव शासन को प्रेषित किए जाएं और इन कार्यों के निर्माण में आने वाली समस्याओं का निराकरण संबंधित अधिकारी प्रोएक्टिव होकर करें। जहां भी आवश्यकता होगी सहयोग के लिए उपलब्ध रहूंगा। बैठक में बताया गया कि शहडोल बाईपास में फ्लाई ओव्हर का निर्माण एक माह में पूरा कर लिया जाएगा।
जिला विकास सलाहकार समिति के सदस्यों ने संभागीय मुख्यालय शहडोल में मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं उप मुख्यमंत्री शुक्ल को धन्यवाद ज्ञापित किया। सदस्यों के सुझाव के अनुरूप प्रभारी मंत्री शुक्ल ने मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीट से बढ़ाकर 200 सीट करने, पीजी कक्षाओं के संचालन, ब्लड बैंक के संचालन तथा मेडिकल कॉलेज के लिए अतिरिक्त जमीन का आवंटन करने, नर्सिंग कालेज निर्माण में प्रगति लाने तथा बस स्टैण्ड से मेडिकल कॉलेज तक सड़क निर्माण के संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि हर व्यक्ति को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। शुद्ध पेयजल से बीमारियों में कमी आएगी तथा अस्पतालों में मरीजों की संख्या कम होगी। उन्होंने कहा कि एकल नल-जल योजनाएं पर्याप्त पानी के अभाव में असफल हो रही हैं। इन योजनाओं को बाणसागर से पेयजल आपूर्ति का प्रस्ताव तैयार किया जाए। बैठक में बताया गया कि इसके लिए 780 करोड़ रूपए का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। आपने जिले में जल जीवन मिशन के तहत 4 नल-जल समूह परियोजनाओं तथा 636 एकल नल-जल योजनाओं में 434 पूरी हो गई है, शेष परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इसी तरह जिले में सिंचाई का रकवा बढ़ाने हेतु प्रस्तावित 04 माईक्रो एरिगेशन योजनाओं की स्वीकृति में आ रही बाधाओं की जानकारी ली तथा मौके पर ही भोपाल में पदस्थ संबंध अधिकारियों से चर्चा कर इन योजनाओं के स्वीकृति में आ रही बाधाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बताया कि 2500 करोड़ की लागत से बनने वाली इन परियोजनाओं की स्वीकृति शीघ्र मिलने की संभावना है।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि जिले में औद्योगिक विकास के लिए रीजनल इंडस्ट्री कान्क्लेव में प्राप्त औद्योगिक इकाईयों की स्थापना के लिए प्राथमिकता के साथ जमीन उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि एमपीआईडीसी के माध्यम से इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना के लिए 1500 एकड़ जमीन आरक्षित की जाए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि किसी भी क्षेत्र के विकास के लिए औद्योगिक क्रांति की आवश्यकता होती है। हमारे पास सड़क, बिजली, पानी तथा भूमि उपलब्ध है। इन संसाधनों का उपयोग कर औद्योगिक निवेश को प्राथमिकता दी जाए। जिससे जिले के बेरोजगार युवकों को रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विजन है कि मानव स्वास्थ्य एवं मृदा के संरक्षण के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जाए। खेती में रासायनिक उर्वरकों के प्रयोग से मानव जीवन के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ता है। लोग रक्तचाप, सुगर, कैंसर जैसी बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। जिले में जिन स्थानों में गौशालाएं संचालित हैं वहां क्रमबद्ध तरीके से प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए जिले के किसानो को प्रोत्साहित करें। इसके लिए जन जागरूकता अभियान चलाए, जागरूकता के दौरान किसानो को जैविक खेती से होने वाले फायदे एवं नुकसानो के बारे में भी अवगत कराएं एवं बायो रिसोर्स सेंटर बनाकर उन्हे घनामृत, जीवामृत, कल्चर, आदि जैसे जैविक उर्वरक के निर्माण एवं उपयोग के लिए प्रोत्साहित करें।
बैठक में जैतपुर विधायक जयसिंह मरावी, विधायक जयसिंहनगर मनीषा सिंह, विधायक ब्यौहारी शरद जुगलाल कोल, जिला पंचायत की अध्यक्ष प्रभा मिश्रा, नगर पालिका अध्यक्ष घनश्याम जायसवाल, जिला योजना समिति की सदस्य अमिता चपरा, कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, जिला विकास सलाहकार समिति के अन्य सदस्य एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे