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- कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे
भोपाल, 10 जनवरी (हि.स.) । उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं ने मध्य प्रदेश में ठंड का प्रकोप बढ़ा दिया है। खासकर ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग में ठंड का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। प्रदेश के 15 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे दृश्यता घटने के कारण रेल और सड़क यातायात प्रभावित हो रहा है।
शुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को भी हालात में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। सुबह के समय 15 से अधिक जिलों में घना कोहरा दर्ज किया गया, जबकि दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में दिनभर ठंड रहने यानी कोल्ड डे का अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर से आ रही सर्द हवाओं के चलते प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में ठंड और बढ़ गई है।
राजधानी भोपाल के साथ ही इंदौर, उज्जैन और जबलपुर में भी रातें सर्द बनी हुई हैं। हालांकि ग्वालियर-चंबल अंचल में दिन के तापमान में भी काफी गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक ऐसा ही मौसम बना रहेगा। शनिवार सुबह ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में घना कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर, रायसेन, शाजापुर और विदिशा सहित अन्य जिलों में भी कोहरे का असर देखा गया।
गुरुवार-शुक्रवार की रात प्रदेश में सबसे कम तापमान छतरपुर जिले के खजुराहो में दर्ज किया गया, जहां पारा 3.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। दतिया में 3.9 डिग्री, शिवपुरी में 4 डिग्री, राजगढ़ में 5 डिग्री, पचमढ़ी में 5.8 डिग्री, मंडला में 5.9 डिग्री, रीवा में 6 डिग्री, उमरिया में 6.4 डिग्री और सीधी व टीकमगढ़ में 6.8 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5 डिग्री रहा। भोपाल में पारा 8 डिग्री, इंदौर में 9.4 डिग्री, उज्जैन में 8.3 डिग्री और जबलपुर में 8.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
घने कोहरे का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। मालवा एक्सप्रेस सहित दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने-जाने वाली एक दर्जन से अधिक ट्रेनें देरी से चल रही हैं। पंजाब मेल, जनशताब्दी और सचखंड एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें भी अपने निर्धारित समय से पीछे चल रही हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / उम्मेद सिंह रावत