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अनूपपुर, 09 जनवरी (हि.स.)। जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का सतत् प्रभावी क्रियान्वयन किया जाए। केन्द्र एवं राज्य सरकार की प्राथमिकता में स्वास्थ्य विभाग है। प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के वृद्धि के लिए सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। समन्वित प्रयास से स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने की दिशा में लगातार कार्य हो रहा है। राज्य शासन स्तर से जिला चिकित्सालय अनूपपुर के उन्नयन तथा पदों की स्वीकृति एवं पदस्थापना संबंधी कार्य प्रक्रियागत हैं। जिसका लाभ शीघ्र ही जिले को प्राप्त होगा। स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत प्रदेश में 30 हजार से ज्यादा विभिन्न पदों की भर्ती की प्रक्रिया जारी है। शुक्रवार को मध्यप्रदेश के उप मुख्यमंत्री तथा मंत्री लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग राजेन्द्र शुक्ल कलेक्ट्रेट स्थित नर्मदा सभागार में अनूपपुर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य अधिकारियों से जिले के स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में प्रारंभ की गई टेलीमेडिसिन सुविधा का लाभ निचले स्तर तक प्रदान किया जाए। जिससे ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी बड़ी संख्या में लाभान्वित हो सकें। उन्होंने स्वास्थ्य अमले को टीम भावना से कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि काम में परिणाम परिलक्षित हो इस दिशा में सभी को मिलजुल कर कार्य करना है। सिकलसेल, क्षय रोग, शिशु एवं मातृ मृत्यु दर के साथ ही स्वास्थ्य क्षेत्र में मजबूती के साथ प्रयासों पर बल दिया। जिला प्रशासन के द्वारा स्वास्थ्य पैरामीटर पर किए गए प्रयासों की सराहना की तथा स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लक्ष्यगत सेचुरेशन के शेष कार्य करने पर जोर दिया।
बैठक में कलेक्टर हर्षल पंचोली, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अर्चना कुमारी, डिप्टी कलेक्टर प्राशी अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अलका तिवारी, जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के पूर्व अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम, जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. एस.आर. परस्ते, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एस.सी. राय, एनआरएचएम के डीपीएम निश्चय चतुर्वेदी सहित समस्त प्रमुख खण्ड चिकित्सा अधिकारी तथा स्वास्थ्य कार्यक्रमों के जिला स्तरीय नोडल अधिकारी उपस्थित रहें।
उप मुख्यमंत्री समीक्षा बैठक में जिला चिकित्सालय एवं जिले की अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं के आधारभूत संरचना की जानकारी प्राप्त की। बैठक में आउटसोर्स माध्यम से पैरामेडिकल स्टॉफ की भर्ती प्रक्रिया, रोगी कल्याण समिति तथा दिव्यांग स्वास्थ्य परीक्षण एवं प्रमाण पत्र, टीकाकरण, सिकलसेल, रक्त अल्पता, सोनोग्राफी, सीटी स्कैन, पीआईसीयू, एसएनसीयू, एनआरसी, रक्त परीक्षण, फिजियोथेरैपी, सर्जिकल, आर्थोपेडिक ऑपरेशन, नेत्र परीक्षण एवं सर्जरी, मानसिक स्वास्थ्य स्क्रीनिंग, पोर्टल पर डाटा पंजीयन, मातृ शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, क्षय रोग, परिवार कल्याण कार्यक्रम, एम्बुलेंस की क्रियाशीलता, आयुष्मान कार्ड निर्माण की विस्तार से समीक्षा की गई। इस संबंध में नोडल अधिकारियों ने बैठक में विस्तार से जानकारी दी।
उप मुख्यमंत्री ने कहा है कि स्वास्थ्यगत सुधार के लिए प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन तथा योग, व्यायाम आदि माध्यम कारगर है। इनकी जागरूकता के लिए सार्थक प्रयास सुनिश्चित किए जांए। उन्होंने कहा कि शुद्ध पानी और शुद्ध भोजन से मरीजों की संख्या में कमी होगी। इसे दृष्टिगत रखते हुए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने केन्द्र एवं राज्य सरकार के स्वास्थ्यगत पैरामीटर में बेहतर प्रदर्शन की अपेक्षा स्वास्थ्य अधिकारियों से व्यक्त की। जिले की स्वास्थ्य संरचना तथा स्वास्थ्य कार्यक्रमों के क्रियान्वयन, मॉनीटरिंग तथा सीएसआर व डीएमएफ मद अंतर्गत उपलब्ध कराई गई सुविधाओं के संबंध में कलेक्टर हर्षल पंचोली ने जानकारी दी।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश शुक्ला