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- आयुर्वेद के माध्यम से, भारतीय समृद्ध ज्ञान परम्परा को और सशक्त करना एमओयू का उद्देश्य
भोपाल, 09 जनवरी (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शुक्रवार को उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान तथा पंडित खुशीलाल शर्मा शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय के मध्य शैक्षणिक एवं शोध सहयोग को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का प्रमुख उद्देश्य, आयुर्वेद और आधुनिक/मूलभूत विज्ञान के समन्वय के माध्यम से, भारतीय समृद्ध ज्ञान परम्परा को और अधिक सशक्त करना है।
एमओयू हस्ताक्षर के अवसर पर उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान भोपाल के संचालक डॉ. प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल अपनी टीम के साथ पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय पहुंचे। इस अवसर पर आयुर्वेद महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. उमेश शुक्ला सहित चिकित्सकों एवं प्राध्यापकों की टीम ने उनका स्वागत किया और अकादमिक सहयोग पर विस्तृत चर्चा कर एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों संस्थानों ने पारंपरिक भारतीय ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के बीच सेतु स्थापित करने, गुणवत्तापूर्ण शोध को बढ़ावा देने तथा उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा और भारतीय ज्ञान परम्परा के विकास में सार्थक योगदान देने की अपनी प्रतिबद्धता प्रकट की।
इस अवसर पर बताया गया कि इस एमओयू के अंतर्गत दोनों संस्थानों के विभिन्न विभागों के बीच आपसी सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे आयुर्वेदिक ज्ञान का आधुनिक विज्ञान के साथ समन्वित अध्ययन एवं अनुसंधान किया जा सके। इसका लक्ष्य मूलभूत विज्ञान और आयुर्वेद के सिद्धांतों को एकीकृत करना, शोध की गुणवत्ता में निरंतर सुधार करना तथा भारत की समृद्ध और प्राचीन ज्ञान परंपरा का वैज्ञानिक अन्वेषण करना है।
इस समझौते के अंतर्गत संयुक्त शोध परियोजनाएं, अकादमिक आदान-प्रदान कार्यक्रम तथा ज्ञान-साझाकरण गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इससे प्राध्यापकों, चिकित्सकों, शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को शैक्षणिक और शोध स्तर पर व्यापक लाभ मिलेगा। विशेष रूप से आयुर्वेद और मूलभूत विज्ञान के क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे प्रमाण-आधारित और नवाचारपूर्ण शोध को प्रोत्साहन मिल सके।
हिन्दुस्थान समाचार / मुकेश तोमर