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गुवाहाटी, 08 जनवरी (हि.स.)। राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों के सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर पर आज गुवाहाटी में कपड़ा मंत्रालय ने साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए 15 राज्यों के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
कपड़ा मंत्रालय और संबंधित राज्य सरकारों के बीच किए गए ये एमओयू “टेक्सटाइल्स फोकस्ड रिसर्च, असेसमेंट, मॉनिटरिंग, प्लानिंग एंड स्टार्ट-अप (टेक्स-राम्स)” योजना के अंतर्गत हैं। यह केंद्रीय क्षेत्र की योजना कपड़ा क्षेत्र से जुड़ी सांख्यिकीय सूचनाओं और शोध की कवरेज, गुणवत्ता, समयबद्धता और विश्वसनीयता को बेहतर बनाने के उद्देश्य से लागू की जा रही है।
इन एमओयू के माध्यम से राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कपड़ा डेटा प्रणालियों को सुदृढ़ करने के लिए एक मजबूत परिचालन ढांचा तैयार किया गया है। टेक्स-राम्स योजना के तहत हथकरघा, हस्तशिल्प, परिधान, तकनीकी वस्त्र सहित प्रमुख उप-क्षेत्रों में एकीकृत योजना को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसमें क्लस्टर और जिला स्तर पर सीधा फोकस रहेगा।
संरचनात्मक सुधारों को समर्थन देने के लिए कपड़ा मंत्रालय प्रत्येक राज्य/केंद्रशासित प्रदेश को प्रति वर्ष 12 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगा। इसके अलावा, क्षेत्रीय क्लस्टरों को उद्योग की मूल शक्ति मानते हुए, प्रत्येक जिले के लिए प्रति वर्ष एक लाख रुपये का अतिरिक्त अनुदान भी दिया जाएगा, जो जिला-स्तरीय कार्ययोजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन के आधार पर वितरित होगा।
कपड़ा मंत्रालय ने कहा कि ये एमओयू सहकारी संघवाद की भावना को प्रतिबिंबित करते हैं। टेक्सटाइल्स सांख्यिकी प्रणाली को मजबूत कर डेटा की मौजूदा खाइयों को पाटने और 350 अरब अमेरिकी डॉलर के उद्योग के लक्ष्य की दिशा में ठोस, रियल-टाइम जानकारी पर आधारित रोडमैप तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश