बस्तर में चाैपाल परंपरा से होगा सीधा संवाद, लोहंडीगुड़ा में नाै जनवरी को लगेगी चाैपाल
जगदलपुर, 08 जनवरी (हि.स.)। जिला प्रशासन ने जमीनी स्तर पर सुशासन को मजबूत करने और ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित करने के लिए श्चैपालश् की पुरानी और प्रभावी परंपरा को एक नए रूप में पुनर्जीवित किया है। कलेक्टर हरिस एस द्वारा गुरुवार काे जारी आदेश के
बस्तर में चैपाल परंपरा से होगा सीधा संवाद


जगदलपुर, 08 जनवरी (हि.स.)। जिला प्रशासन ने जमीनी स्तर पर सुशासन को मजबूत करने और ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित करने के लिए श्चैपालश् की पुरानी और प्रभावी परंपरा को एक नए रूप में पुनर्जीवित किया है। कलेक्टर हरिस एस द्वारा गुरुवार काे जारी आदेश के अनुसार आगामी 09 जनवरी को लोहंडीगुड़ा विकासखंड की समस्त ग्राम पंचायतों में एक साथ प्रशासनिक निरीक्षण का महाअभियान चलाया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य धरातल पर मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सहित विकास कार्यों की हकीकत परखना है।

सुबह 10 बजे से शुरू होगी निरीक्षण

कमिश्नर बस्तर संभाग के निर्देशों के परिपालन में प्रशासन ने एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। तय कार्यक्रम के अनुसार जिले और जनपद स्तर के नियुक्त नोडल अधिकारी सुबह 10 बजे अपनी आबंटित ग्राम पंचायतों में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित कर वे स्कूल, आंगनबाड़ी, उचित मूल्य की दुकानों, आश्रम-छात्रावासों और स्वास्थ्य केंद्रों का गहन निरीक्षण करें। विशेष रूप से मध्यान्ह भोजन और पूरक पोषण आहार की गुणवत्ता, स्वास्थ्य केंद्रों में दवाइयों की उपलब्धता और स्वच्छता एवं साफ-सफाई जैसे व्यवस्थाओं की जांच की जाएगी। इसके अलावा, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना और जल जीवन मिशन जैसे फ्लैगशिप कार्यक्रमों की प्रगति भी परखी जाएगी।

दोपहर 2 बजे सजेगी चौपाल

इस निरीक्षण अभियान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा दोपहर 02 बजे शुरू होगा, जब ग्राम पंचायत नोडल अधिकारी ग्राम पंचायत भवन में ग्रामीणों के साथ सीधे रूबरू होकर चर्चा करेंगे। इस दौरान मैदानी अमले की सक्रियता और योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही बाधाओं पर खुली चर्चा होगी। इस संवाद के बाद, उसी दिन शाम साढ़े 04 बजे संबंधित जनपद पंचायत मुख्यालय में समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें दिन भर की रिपोर्ट पर चर्चा होगी।

एरपुण्ड से लेकर चित्रकोट तक अधिकारियों की तैनाती

इस महाअभियान के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। लोहण्डीगुड़ा ब्लॉक में दूरस्थ अंदरूनी क्षेत्र एरपुण्ड, बोदली, हर्राकोडेर, चंदेला और चित्रकोट जैसी प्रमुख ग्राम पंचायतों सहित हर पंचायत के लिए जिला और जनपद स्तरीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने के लिए कि हर ग्रामीण को इस आयोजन की जानकारी हो, एक सप्ताह पूर्व ही गांवों में मुनादी करवाने के निर्देश दिए हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे