Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

गुमला, 07 जनवरी (हि.स.)। उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने प्रोजेक्ट द्वार के तहत जिले के आकांक्षी प्रखंड डुमरी में स्थित पीवीटीजी (आदिम जनजातीय) गांव असुरटोली और लातापानी (करमदोन) का दौरा बुुुुधवार को किया। इसके पूर्व जिले का कोई उपायुक्त असुरटोली गांव तक नहीं पहुंचा था।
वहीं उपायुक्त के गांव पहुंचते ही ग्रामीणों में उत्साह का देखा गया।
असुरटोली गांव में पीवीटीजी समुदाय असुर (आदिम जनजाति) के कुल 10 परिवार रहते हैं, जिनकी आबादी लगभग 62 है। वहीं लातापानी गांव में पीवीटीजी समुदाय कोरवा (आदिम जनजाति) के 13 परिवार रहते हैं, जिनकी कुल आबादी लगभग 50 है। दोनों गांव भौगोलिक रूप से दुर्गम हैं और लंबे समय से बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं।
मौके पर उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने जमीन पर बैठकर ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। उन्होंने कहा कि वे ग्रामीणों से सीधे बात कर उनकी वास्तविक समस्याओं को समझने और समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गांव पहुंची हैं। उपायुक्त के इस सरल, संवेदनशील और मानवीय व्यवहार से ग्रामीण काफी प्रभावित नजर आए। इस दौरान गांव की मुखिया ज्योति बहेर देवी ने उपायुक्त का स्वागत करते हुए इसे गांव के लिए गर्व का क्षण बताया।
उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब उपायुक्त स्वयं हमारे गांव में आई हैं। मौके पर उन्होंने गांव की प्रमुख समस्याओं की जानकारी देते हुए कहा कि गांव तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं है, जिससे आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं और बच्चों की शिक्षा प्रभावित होती है। उन्होंने बताया कि असुरटोली में पानी की टंकी फट चुकी है, जबकि लिटियाचुआ और औखरखड़ा में भी पानी की टंकियां क्षतिग्रस्त हैं, जिनकी मरम्मत अत्यंत जरूरी है। साथ ही महिलाओं को आजीविका से जोड़ने की मांग भी रखी गई।
मौके पर उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित ने मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को ग्रामीणों की समस्याएं दूर करने का निर्देश दिया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / हरि ॐ सुधांशु सुधांशु