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जयपुर, 07 जनवरी (हि.स.)। राजस्थान उच्च न्यायालय ने एकल पट्टा प्रकरण में कहा है कि निचली अदालत राज्य सरकार के उस प्रार्थना पत्र पर फैसला करे, जिसमें उसने अभियोजन वापसी के आवेदन में कार्रवाई नहीं चाहते हुए यह केस आगे चलाने की मंजूरी मांगी है। अदालत ने कहा कि राज्य सरकार ने इस संबंध में निचली कोर्ट के समक्ष एक औपचारिक प्रार्थना पत्र दायर किया है। इसलिए इस मुद्दे पर निर्णय निचली कोर्ट की ओर से कानूनी प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा। एक्टिंग सीजे एसपी शर्मा ने यह आदेश शांति धारीवाल व अन्य की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिए।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पैरवी एएसजी एसवी राजू व एएजी शिवमंगल शर्मा ने और विशेष अभियोजक अनुराग शर्मा ने की। एएजी शिवमंगल शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट के इस निर्देश के बाद यह भी स्पष्ट हो चुका है कि अब निचली कोर्ट के आदेश के बाद ही तत्कालीन एसीएस जीएस संधू, उपायुक्त निष्काम दिवाकर और जोन उपायुक्त रहे ओंकारमल सैनी की रिवीजन याचिकाओं पर सुनवाई होगी। गौरतलब है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक दिसंबर 2025 के आदेश से पूर्व मंत्री शांति धारीवाल को राहत देते हुए राज्य सरकार को कहा था कि जब तक ट्रायल कोर्ट में क्लोजर रिपोर्ट के खिलाफ पेंडिंग प्रोटेस्ट पिटिशन में फैसला नहीं हो तब तक उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई नहीं करे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने धारीवाल की एसएलपी को खारिज कर दिया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारीक