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फर्रुखाबाद 07 जनवरी हि.स.। अमृतपुर थाना क्षेत्र में गंगा नदी में आई बाढ़ के पानी से टूटी सड़क को वहां के वाशिंदों ने श्रमदान कर बना दिया।
बाढ़ के पानी से टूटा संपर्क मार्ग 5 गांवों के लोगों के लिए सिरदर्द साबित हो रहा था। कुतलूपुर-कुबेरपुर संपर्क मार्ग लगभग 70 मीटर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। सड़क कटने से करीब आधा दर्जन गांवों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया था।
दोपहिया वाहन चालक तो किसी तरह खेतों के रास्ते निकल जाते थे। लेकिन बड़े वाहन ट्रैक्टर-ट्राली और चार पहिया वाहनों के पहिए पूरी तरह थम गए थे। ग्रामीणों को अपने गंतव्य तक पहुँचने के लिए 7 किलोमीटर का अतिरिक्त और लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा था,जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही थी।
बाढ़ का पानी उतरने के कई महीने बीत जाने के बाद भी जब स्थानीय प्रशासन ने इस सड़क की मरम्मत नहीं की और न इस बावत कोई ध्यान दिया, तो ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। सरकारी मदद की उम्मीद छोड़कर ग्रामीणों ने स्थानीय समाजसेवी समर दीप सिंह के नेतृत्व में खुद ही फावड़ा-कुदाल उठा लिया। समाजसेवी समर दीप सिंह ने बताया कि सड़क मरम्मत का यह अभियान करीब एक सप्ताह तक चला। इस दौरान प्रतिदिन एक दर्जन से अधिक ग्रामीणों ने पूरे उत्साह के साथ श्रमदान किया। कड़ी मेहनत के बाद क्षतिग्रस्त 70 मीटर सड़क को मिट्टी डालकर समतल और आवागमन योग्य बना दिया गया है। अब ग्रामीणों को 7 किलोमीटर का लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
इस पहल की क्षेत्र में खूब सराहना हो रही है। समाजसेवी समर दीप सिंह ने बताया कि उनकी टीम और ग्रामीणों के सहयोग से अब तक क्षेत्र में दो दर्जन से अधिक स्थानों पर क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों और पगडंडियों को दुरुस्त किया जा चुका है। उनका मानना है कि अन्य लोगों को भी इसी तरह श्रम दान कर आवागमन को सुगम बनाना चाहिए।
हिन्दुस्थान समाचार / Chandrapal Singh Sengar