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झांसी, 08 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार की कैबिनेट मंत्री बेबीरानी मौर्य ने गुरुवार को झांसी सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि मनरेगा योजना का नाम बदलकर अब ‘विकसित भारत-जी राम जी’ कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि नाम परिवर्तन के पीछे उद्देश्य योजना को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी बनाना है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पहले मनरेगा में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायतें मिलती थीं। कई बार मजदूरों को काम नहीं मिल पाता था और उनके नाम पर फर्जी भुगतान हो जाता था। साथ ही मजदूरों को पूरे 100 दिन का रोजगार भी नहीं मिल पाता था। उन्होंने बताया कि अब ‘विकसित भारत जी राम जी’ कानून के तहत मजदूरों को 125 दिन का रोजगार दिया जाएगा। साथ ही भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी। ग्राम प्रधान और पंचायत सदस्य मिलकर कार्य योजना तैयार करेंगे, और उसी योजना को स्वीकृति दी जाएगी।
मंत्री बेबीरानी मौर्य ने कहा कि इस नई व्यवस्था में कार्य योजना गांव स्तर से बनेगी, जिससे विकास कार्य टिकाऊ और उच्च गुणवत्ता वाले होंगे। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों और तकनीकी विशेषज्ञों को मिलने वाला अनुदान 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दिया गया है।
उन्होंने जानकारी दी कि योजना में खर्च होने वाली धनराशि का 60 प्रतिशत केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। नए कानून से ग्रामीण क्षेत्र के लोग आर्थिक और मानसिक रूप से सशक्त होंगे। मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में यह योजना मील का पत्थर साबित होगी।
इस सम्बंध में झांसी-ललितपुर सांसद अनुराग शर्मा ने वीबी- जी राम जी योजना को गांधीजी की संकल्पना हे राम से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा की बढ़ते भ्रष्टाचार को रोकने के लिए यह आवश्यक था। पत्रकार वार्ता में सांसद अनुराग शर्मा, एमएलसी श्रीमती रमा आरपी निरंजन, एमएलसी रामतीर्थ सिंघल, जिला अध्यक्ष प्रदीप पटेल, महानगर अध्यक्ष सुधीर सिंह, बबीना विधायक राजीव सिंह, गरौठा विधायक जवाहर लाल, राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त/पूर्व जिलाध्यक्ष जमुना प्रसाद, मीडिया प्रभारी सहजेंद्र बघेल, सौरभ मिश्रा एवं प्रियांशु डे सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया