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कानपुर,08 जनवरी (हि. स.)। उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद में योगी सरकार की महत्वाकांक्षी खेत तालाब योजना किसानों के लिए आय बढ़ाने का मजबूत जरिया बनती जा रही है। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत ड्रॉप मोर क्रॉप घटक के तहत संचालित इस योजना से अब किसान केवल सिंचाई ही नहीं, बल्कि मोती की खेती जैसे नवाचार की ओर भी कदम बढ़ा रहे हैं। यह जानकारी गुरूवार को भूमि संरक्षण अधिकारी आर.पी. कुशवाहा ने दी।
भूमि संरक्षण अधिकारी आर.पी. कुशवाहा ने बताया कि सरसौल ब्लॉक के सिकटिया गांव के वीरेंद्र बहादुर सिंह इस योजना के लाभार्थी हैं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने खेत में 50 मीटर लंबा, 50 मीटर चौड़ा और तीन मीटर गहरा तालाब बनवाया है। इसी तालाब में अब मोती की खेती की जाएगी। वीरेंद्र बहादुर को सरकार की ओर से 52,500 रूपये का अनुदान मिल चुका है और जल्द ही उन्हें प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
भूमि संरक्षण अधिकारी ने बताया कि इसी तरह बिधनू ब्लॉक के संभुआ गांव की रश्मि ने भी खेत तालाब योजना के तहत मोती की खेती शुरू करने का मन बनाया है। रश्मि ने बताया कि तालाब बनकर तैयार हो गया है। अब बस काम शुरू करना है। इस काम में उन्हें अपने परिवार का पूरा सहयोग मिल रहा है।
क्या है खेत तालाब योजना
खेत तालाब योजना योगी सरकार द्वारा चलाई जा रही एक योजना है। इसका उद्देश्य बारिश के पानी को इकट्ठा करना और किसानों को सिंचाई की सुविधा देना है। इस योजना के तहत कानपुर नगर में 54 खेत तालाब बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार दे रही आधी लागत
योजना में तालाब की कुल लागत लगभग 1.05 लाख रूपये आती है। इसमें से सरकार 50 प्रतिशत यानी 52,500 रूपये अनुदान देती है। यह पैसा दो किस्तों में सीधे किसान के बैंक खाते में भेजा जाता है।
आवेदन कैसे करें
इस योजना के लिए किसान agridarshan.up.gov.in वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के बाद अधिकारी मौके पर जाकर जांच करते हैं। मंजूरी मिलने पर किसान को 30 दिन के अंदर तालाब बनवाना होता है।
किसानों को मिल रहे फायदे
खेत तालाब से बारिश का पानी जमा होता है। इससे खेतों की सिंचाई आसान हो जाती है। इसके साथ-साथ मछली पालन, मोती की खेती, सिंघाड़ा और मखाना जैसी खेती भी की जा सकती है। इससे किसानों की आमदनी बढ़ रही है।
भूमि संरक्षण अधिकारी आर.पी. कुशवाहा ने बताया कि इस साल खेत तालाब योजना के तहत 54 तालाब बनाने का लक्ष्य है। अब तक नौ किसानों ने मोती की खेती के लिए रुचि दिखाई है। इसके लिए किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / मो0 महमूद