(अपडेट) दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष से आतिशी की सदस्यता रद्द करने की मांग, सदन गुरुवार तक स्थगित
- दिल्ली सरकार के मंत्रियों ने स्पीकर को लिखा पत्र नई दिल्ली, 07 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली के कैबिनेट मंत्रियों और विधानसभा के मुख्य सचेतक अभय वर्मा ने बुधवार को दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को पत्र लिखकर नेता प्रतिपक्ष आतिशी की विधानसभा क
विधानसभा परिसर में पत्रकारों को संबोधित करते कैबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह और मनजिंदर सिंह सिरसा


दिल्ली विधानसभा में आतिशी के खिलाफ प्रदर्शन करते भाजपा विधायको


- दिल्ली सरकार के मंत्रियों ने स्पीकर को लिखा पत्र

नई दिल्ली, 07 जनवरी (हि.स.)। दिल्ली के कैबिनेट मंत्रियों और विधानसभा के मुख्य सचेतक अभय वर्मा ने बुधवार को दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता को पत्र लिखकर नेता प्रतिपक्ष आतिशी की विधानसभा की सदस्यता रद्द करने, आपराधिक मुकदमा दर्ज करके जेल भेजने की मांग की।

दिल्ली विधानसभा परिसर में मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को पत्रकारों को संबोधित को बताया कि आज अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता से छह जनवरी को दिल्ली विधानसभा में हुई एक गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर कड़ा रुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि शीतकालीन सत्र में गुरु तेग बहादुर जी की महान शहादत के सम्मान में नियम 270 के अंतर्गत आयोजित विशेष चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष आतिशी की टिप्पणी ने न केवल सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाई, बल्कि दुनिया भर के करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं को आहत किया।

सिरसा ने बताया कि इस मामले को अत्यंत गंभीर मानते हुए छह मंत्रियों एवं विधानसभा के मुख्य सचेतक अभय वर्मा द्वारा संयुक्त रूप से विधानसभा अध्यक्ष को एक औपचारिक पत्र सौंपा गया है। इस पत्र के साथ आतिशी के वक्तव्य की शब्दशः टाइप की हुई प्रतिलिपि भी संलग्न की गई है, क्योंकि उनके द्वारा प्रयोग की गई भाषा इतनी आपत्तिजनक है कि उसे सार्वजनिक रूप से दोहराया भी नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि जिस समय यह टिप्पणी की गई, उस दौरान सत्ता पक्ष के सदस्य मुख्यमंत्री एवं मंत्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत पर श्रद्धांजलि स्वरूप चर्चा में भाग ले रहे थे। ऐसे पावन विषय पर इस प्रकार की मर्यादाहीन भाषा का प्रयोग न केवल संसदीय परंपराओं का उल्लंघन है, बल्कि नैतिक पतन का भी उदाहरण है।

सिरसा ने यह भी कहा कि देश की आजादी से लेकर आज तक किसी भी विधानसभा या संसद में किसी भी सदस्य द्वारा किसी भी गुरु साहिब के प्रति इस प्रकार की अभद्र भाषा का प्रयोग नहीं किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकरण में केवल माफी पर्याप्त नहीं है, बल्कि कठोर और उदाहरणात्मक कार्रवाई आवश्यक है। उन्होंने जानकारी दी कि पत्र के माध्यम से अध्यक्ष से तीन प्रमुख मांगें की गई हैं- पहली, आतिशी की दिल्ली विधानसभा की सदस्यता तत्काल प्रभाव से रद्द की जाए; दूसरी, उनके खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप में आपराधिक मामला दर्ज किया जाए और तीसरी अध्यक्ष को प्राप्त विशेषाधिकारों एवं शक्तियों का प्रयोग करते हुए उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई, जिसमें जेल की सजा भी शामिल हो, सुनिश्चित की जाए।

सिरसा ने यह भी उल्लेख किया कि दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति तथा विभिन्न सिख संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को लिखित ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यह विषय केवल दिल्ली या देश तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक स्तर पर सिख समुदाय और आम नागरिकों में गहरा आक्रोश है, और दुनिया भर से इस पापपूर्ण कृत्य पर कठोर कार्रवाई की मांग उठ रही है।

सिरसा ने इस ओर भी ध्यान दिलाया कि जिस नेता प्रतिपक्ष ने एक दिन पहले बार-बार प्रदूषण पर चर्चा कराने की मांग की थी, वही नेता प्रतिपक्ष उस दिन सदन में उपस्थित नहीं रहीं, जब प्रदूषण पर विधिवत चर्चा रखी गई थी। उन्होंने कहा कि यह अनुपस्थिति इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आतिशी को अपने द्वारा किए गए कृत्य की गंभीरता और उसके सार्वजनिक प्रभाव का पूरा पता था। उन्होंने कहा कि परंपरा और संसदीय मर्यादा के अनुसार ऐसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के दौरान सदन के नेता और नेता प्रतिपक्ष दोनों का उपस्थित रहना आवश्यक होता है। किंतु गुरु तेग बहादुर जी के सम्मान से जुड़े प्रस्ताव पर न तो आतिशी ने कोई सकारात्मक वक्तव्य दिया और न ही प्रदूषण पर चर्चा के दिन सदन में आना उचित समझा। सिरसा ने इसे नैतिक उत्तरदायित्व से पलायन करार देते हुए कहा कि जनता ऐसे व्यवहार को न तो स्वीकार करेगी और न ही भूल पाएगी।

सिरसा ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी के सम्मान और विधानसभा की गरिमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और उन्हें पूर्ण विश्वास है कि अध्यक्ष इस गंभीर मामले में विधिसम्मत कड़ा निर्णय लेंगे।

लोक निर्माण विभाग के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने यहां पत्रकारों से कहा कि आतिशी ने जो किया उसे संज्ञान में लेते हुए उनकी सदस्यता को रद्द करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आतिशी ने श्री गुरु तेग बहादुर जी का अपमान करके सदन के साथ-साथ पूरे देश को आहत किया है। देश की अखंडता को मजबूत करने के लिए हमारे गुरुओं ने पूरे परिवार के साथ अपनी शहादत दी लेकिन विपक्ष की नेता आतिशी ने उनका मजाक उड़ाया।

इससे पहले आज दिल्ली विधानसभा के शीतकालीन सत्र में भाजपा विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष आतिशी के सिख गुरुओं पर टिप्पणी को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। भाजपा विधायकों ने आतिशी से माफी मांगने को लेकर सदन में विरोध प्रदर्शन किया। हंगामे को देखते ही विधानसभा सभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने सदन को पहले आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया। उसके बाद सदन जब दोबारा शुरू हुआ फिर भाजपा विधायकों ने आतिशी की माफी मांगने को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने गुरुवार तक के लिए सदन को स्थगित कर दिया।

सदन स्थगित होने के बाद भी भाजपा विधायकों ने आतिशी की माफी मांगने और उनपर कार्रवाई को लेकर दिल्ली विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। भाजपा विधायकों ने दिल्ली विधानसभा परिसर में स्थित महात्मा गांधी की मूर्ति के आगे बैठकर विरोध प्रदर्शन किया।

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हिन्दुस्थान समाचार / धीरेन्द्र यादव