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--आपराधिक केस कार्यवाही पर अंतरिम रोक, राज्य सरकार से जवाब तलब
प्रयागराज, 07 जनवरी (हि.स.)। इलाहबाद उच्च न्यायालय ने सैम हिगिंस बॉटम (शुआट्स ) विश्वविद्यालय नैनी प्रयागराज के निदेशक विनोद बिहारी लाल को के खिलाफ चल रहे आपराधिक मुकदमे की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी है और राज्य सरकार से याचिका पर जवाब मांगा है।
यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार पचौरी ने दिया है। नैनी थाने में विनोद बिहारी लाल के खिलाफ जालसाजी, साजिश, हत्या का प्रयास व अन्य आरोपों में एफआईआर दर्ज है। ट्रायल कोर्ट ने पुलिस रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए 21 दिसंबर 2023 को सम्मन जारी किया है। याची ने मुकदमे की पूरी कार्यवाही को रद्द करने की मांग में हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
याची का कहना है कि बिना ठोस सबूत व आधार के झूठे और मनगढ़ंत आरोपों के आधार पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। याची का नाम एफआईआर में शामिल नहीं था। यह अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ दर्ज की गई थी। बाद में विवेचना के दौरान याची का नाम शामिल किया गया है। याची के खिलाफ कथित अपराध की साजिश रचने का कोई साक्ष्य मौजूद नहीं है।
कोर्ट ने इन तथ्यों को प्रथमदृष्टया विचारणीय मानते हुए अगले आदेश तक याची के खिलाफ मुकदमे की कार्यवाही पर अंतरिम रोक लगा दी। कोर्ट ने सरकार व विपक्षी को नोटिस जारी किया है। साथ ही तीन सप्ताह के भीतर जवाबी हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। अगली सुनवाई आठ सप्ताह बाद होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामानंद पांडे